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अमिताभ का वो एक वादा, जिसने रजनीकांत को बना दिया बॉलीवुड का स्टार!

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अंधा कानून में रजनीकांत वाले रोल के लिए निर्माता पहले मिथुन चक्रवर्ती को लेना चाहते थे। फिर अमिताभ बच्चन ने ऐसा क्या किया कि रजनीकांत को यह फिल्म मिल गई। किस्सा है 1983 में आई अंधा कानून का जिससे रजनीकांत ने हिंदी फिल्मों में कदम रखा था। रजनीकांत ने खुद बताया कि शुरुआत में निर्माता इस भूमिका

के लिए मिथुन चक्रवर्ती को लेना चाहते थे। लेकिन अमिताभ बच्चन ने उनके सामने रजनीकांत का नाम रख दिया और बात सिर्फ नाम सुझाने तक नहीं रुकी। रजनीकांत के मुताबिक, अमिताभ ने निर्माताओं को भरोसा दिया कि अगर वे रजनीकांत को फिल्म में लेंगे, तो अमिताभ खुद उसमें गेस्ट रोल करने को तैयार हैं।

जरा सोचिए, किसी कलाकार की पहली हिंदी फिल्म और उसके लिए अमिताभ बच्चन जैसा सितारा अपना साथ देने को तैयार। इसके बाद रजनीकांत को मौका मिला। टी रामाराव के निर्देशन में बनी इस फिल्म में हेमा मालिनी और रीना रॉय भी थी। अमिताभ ने अपना वादा निभाया और एक अहम विशेष भूमिका में नजर आए।

धर्मेंद्र ने भी गेस्ट अपीयरेंस किया था। फिल्म हिट हुई और रजनीकांत की हिंदी सिनेमा में शानदार शुरुआत हो गई। बरसों बाद वेट टायन के ऑडियो लॉन्च पर रजनीकांत ने यह किस्सा सुनाते हुए अमिताभ के उस सहयोग को याद किया। अब बताइए अगर अंधा कानून में यह किरदार मिथुन चक्रवर्ती निभाते तो फिल्म कैसी लगती? कमेंट में अपनी राय जरूर बताइए। सब्सक्राइब कर दो।

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