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राजेश खन्ना की एक बुरी आदत और टूट गई पर्दे पर की सबसे सुपरहिट जोड़ी?

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70 के दशक में अगर किसी हिट जोड़ी की बात की जाती है तो उसमें राजेश कन्ना और शर्मिला टागोर का नाम पहली पायदान पे आता है उनकी जोड़ी ऑन स्क्रीन पर इतनी अच्छी लगती थी कि उन्हें लोग रियल लाइफ कपल समझने लगे थे ये दोनों जब पर्दे पर आते तो बस लोगों की सांसें थम जाती थी फिल्म इंडस्ट्री के लोग मानने लगे थे

कि अगर राजेश खन्ना और शर्मिला टागोर की जोड़ी को एक साथ ले लिया गया तो बस फिल्म हिट होनी थी राजेश खन्ना को शर्मिला टागोर के साथ काम करने से कोई तकलीफ नहीं थी लेकिन शर्मिला टागोर एक समय के बाद काका के साथ काम करने से बचने लगी थी अपने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा था कि हमारी जोड़ी पर्दे पर सुपर हिट थी और लोग हमें साथ देखना चाहते थे लेकिन एक चीज जो उन पर हमेशा असर डालती थी वो थी राजेश खन्ना की लेट लतीफी 9:00 बजे की शिफ्ट पर वो हमेशा 12:00 बजे आते थे और शर्मिला टागोर को यह बिल्कुल पसंद नहीं था इसीलिए शर्मिला टागोर ने यह सोचा कि दूसरे एक्टर्स के साथ भी काम करना सही है

राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर: 70 के दशक की वह ‘सुपरहिट जोड़ी’, जिसे काका की एक बुरी आदत ने कर दिया था दूर70 का दशक भारतीय सिनेमा का वह स्वर्णिम काल था, जब सिल्वर स्क्रीन पर रोमांस के मायने पूरी तरह बदल चुके थे। इस दौर में अगर किसी जोड़ी ने सबसे ज्यादा दिलों पर राज किया, तो वह थीं ‘सुपरस्टार’ राजेश खन्ना और खूबसूरत अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की जोड़ी। पर्दे पर इन दोनों की कैमिस्ट्री इतनी जादुई थी कि दर्शक इन्हें सिर्फ ऑन-स्क्रीन कपल नहीं, बल्कि रियल लाइफ में भी पति-पत्नी मान बैठते थे। ‘अराधना’, ‘सफर’, ‘Amar Prem’ और ‘दाग’ जैसी फिल्मों में जब ये दोनों साथ आते थे, तो सिनेमाघरों में जादू चल जाता था। फिल्ममेकर्स की नजर में इस जोड़ी का होना मतलब बॉक्स ऑफिस पर सफलता की फुल गारंटी माना जाता था।लेकिन हर चमकती हुई चीज के पीछे कुछ अनकहे सच और परेशानियां छिपी होती हैं। ऑन-स्क्रीन जितनी सुपरहिट यह जोड़ी थी, पर्दे के पीछे हालात उतने ही उलझे हुए थे। एक समय ऐसा आया जब खुद शर्मिला टैगोर ने राजेश खन्ना के साथ काम करने से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। आखिर ऐसा क्या हुआ था कि एक ब्लॉकबस्टर जोड़ी के बीच दूरियां आने लगी थीं? आइए जानते हैं इसके पीछे की पूरी और दिलचस्प कहानी।जब जनता मानने लगी थी असली जोड़ाराजेश खन्ना के स्टारडम का आलम यह था कि उनके बाल कटवाने के स्टाइल से लेकर उनके कपड़े पहनने के अंदाज तक को लोग कॉपी करते थे।

जब उनके साथ स्क्रीन पर शर्मिला टैगोर आती थीं, तो उनकी जोड़ी को हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन जोड़ियों में गिना जाता था। दर्शक उन्हें पर्दे पर एक साथ देखने के लिए बेताब रहते थे। लोगों के बीच यह भ्रम इतना गहरा था कि कई बार उन्हें लगता था कि ये दोनों असल जिंदगी में भी एक-दूसरे के साथ हैं। इस जोड़ी की लोकप्रियता का फायदा उठाने के लिए डायरेक्टर्स की लाइन लगी रहती थी, और फिल्म इंडस्ट्री में यह मान लिया गया था कि काका और शर्मिला का साथ आना मतलब फिल्म का सुपरहिट होना तय है।शर्मिला टैगोर के सब्र का बांध टूटने की वजहराजेश खन्ना के साथ काम करने में शर्मिला को वैसे तो कोई व्यक्तिगत आपत्ति नहीं थी, क्योंकि काका एक बेहतरीन सह-कलाकार थे और उनके साथ काम करने का अनुभव हमेशा शानदार रहा था। लेकिन एक चीज थी जो शर्मिला टैगोर को अंदर ही अंदर बहुत परेशान करती थी—वह थी राजेश खन्ना की बेहिसाब लेट-लतीफी (Late Latif Habits)।अपने एक इंटरव्यू में इस राज से पर्दा उठाते हुए शर्मिला टैगोर ने खुलकर बताया था कि राजेश खन्ना अपनी शूटिंग को लेकर कभी भी समय के पाबंद नहीं हुआ करते थे। अगर किसी फिल्म की शिफ्ट सुबह 9:00 बजे की होती थी, तो यह तय माना जाता था कि काका सेट पर दोपहर के 12:00 बजे के आसपास ही पहुंचेंगे।शर्मिला टैगोर एक बेहद अनुशासित और पेशेवर (Professional) अभिनेत्री थीं। वह समय पर सेट पर पहुंच जाती थीं और अपने सीन की तैयारी पूरी रखती थीं। लेकिन राजेश खन्ना के घंटों इंतजार करवाने की आदत से उनका समय और ऊर्जा दोनों बर्बाद होते थे। लगातार इस तरह की लेट-लतीफी झेलना किसी के लिए भी आसान नहीं था, और धीरे-धीरे यह चीज शर्मिला के लिए असहनीय होती चली गई।जब उठाया गया एक कड़ा कदमघंटों वैनिटी वैन या सेट पर बैठकर इंतजार करने से तंग आ चुके अभिनेत्री ने आखिरकार एक कड़ा फैसला लिया।

शर्मिला टैगोर को यह महसूस होने लगा कि सिर्फ एक ही अभिनेता के साथ लगातार काम करने से उनके करियर का संतुलन बिगड़ रहा है और उनकी व्यक्तिगत सहनशक्ति भी जवाब दे रही है। उन्होंने यह सोचकर राजेश खन्ना के साथ फिल्में साइन करना धीरे-धीरे कम कर दिया कि अब उन्हें दूसरे कलाकारों के साथ भी अपनी किस्मत आजमानी चाहिए और अपने काम के प्रति अनुशासित माहौल चुनना चाहिए।भले ही शर्मिला टैगोर ने कुछ समय के लिए काका के साथ दूरी बना ली हो, लेकिन इससे उनके बीच के आपसी सम्मान में कोई कमी नहीं आई। वे दोनों हमेशा एक-दूसरे के बेहतरीन सह-कलाकार बने रहे। आज भी जब 70 के दशक के सुनहरे पन्नों को पलटा जाता है, तो राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर की यह जोड़ी और उनके बीच के ये खट्टे-मीठे किस्से बॉलीवुड के सबसे यादगार अध्यायों में गिने जाते हैं।

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