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क्या शोहरत के आसमान पर चमकने वाले देव आनंद और राजेश खन्ना अपनी मोहब्बत की जंग हार गए थे?

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वह प्यार जो मजहब की दीवार से हार गया। 1940 के दशक के आखिर में एक स्ट्रगलिंग एक्टर देव आनंद की मुलाकात हुई। उस दौर की सबसे बड़ी सिंगिंग स्टार सुरैया से। फिल्म विद्या के सेट पर। एक दिन शूटिंग के दौरान एक बोट सीन में हादसा हो गया। बोट पलट गई और सुराया डूबने लगी। देव आनंद ने उन्हें बचाया। सुरैया ने बाद में एक इंटरव्यू में कहा था। मैंने उनसे कहा अगर आपने आज मुझे नहीं बचाया होता तो मेरी जिंदगी खत्म हो जाती। [संगीत] उन्होंने चुपचाप जवाब दिया अगर तुम्हारी जिंदगी खत्म हो जाती तो मेरी भी खत्म हो जाती। देव मैं बहुत डर गई थी। अगर तुम्हारी जिंदगी खत्म हो जाती

तो मेरी भी खत्म हो जाती। उसी पल से दोनों को प्यार हो गया। दोनों ने साथ में सात फिल्में की। विद्या, जीत, शायर, अवसर, नीली, दो सितारे, सनम। हर फिल्म के साथ उनका प्यार गहरा होता गया। देववानंद ने सुराया को हीरे की अंगूठी भी दी। लेकिन एक दीवार थी जो कभी नहीं टूटी। सुराया की नानी। वो इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थी। सिर्फ इसलिए क्योंकि देवानंद हिंदू थे और सुराया मुस्लिम।

नानी ने वह हीरे की अंगूठी छीनकर समंदर में फेंक दी। आखिरी मुलाकात हुई सुरैया की छह मंजिला बिल्डिंग की छत पर। दोनों मिले, गले लगे, रोए, और हमेशा के लिए अलग होने का फैसला किया। देव आनंद के बड़े भाई चेतन आनंद ने उन्हें समझाया कि वह अपने करियर पर ध्यान दें। देव आनंद ने बाद में कल्पना कार्तिक से शादी कर ली। लेकिन सुरैया उन्होंने कभी शादी नहीं की। पूरी जिंदगी अकेली रही। आखिरी सांस तक देव आनंद को याद करती रही। यह कहानी देव आनंद की ऑटोबायोग्राफी रोमांसिंग विद लाइफ में खुद कंफर्म की थी। यह सिर्फ अफवाह नहीं बल्कि दोनों की अपनी जुबानी बताई हुई सच्ची कहानी है।

अब दूसरी कहानी सुनिए राजेश खन्ना की। बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार का टूटा हुआ प्यार राजेश खन्ना। बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार जिनके पीछे लड़कियां अपने खून से खत लिखती थी। 1973 में उन्होंने डिंपल कपाड़िया से शादी की। डिंपल की उम्र थी सिर्फ 16 साल और राजेश खन्ना उनसे दोगुनी उम्र के थे। शुरुआत में सब ठीक था। दो बेटियां हुई ट्विंकल और रिंकी। लेकिन 80 के दशक की शुरुआत में राजेश खन्ना का करियर डूबने लगा। फिल्में फ्लॉप होने लगी। वो शराब के आदि हो गए। गुस्सैल हो गए और यहीं से डिंपल के साथ रिश्ता बिगड़ने लगा। 1982 में डिंपल उन्हें छोड़कर चली गई। फिर आई टीना मुनीम। 1983 में फिल्म सौतन की शूटिंग के दौरान राजेश खन्ना और टीना करीब आए।

दोनों साथ रहने लगे एक ही घर में एक ही जिंदगी में। राजेश खन्ना ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था कि वो और टीना इतने करीब थे कि एक ही टूथब्रश शेयर करते थे। लेकिन यह कहानी भी हैप्पी एंडिंग वाली नहीं थी। टीना चाहती थी कि राजेश खन्ना डिंपल को तलाक देकर उनसे शादी करें। राजेश खन्ना ने मना कर दिया। अपनी बेटियों की खातिर जिनसे वह बेहद प्यार करते थे। टूटे दिल के साथ टीना मुनीम ने रिश्ता खत्म कर दिया। बाद में उन्होंने बिजनेसमैन अनिल अंबानी से शादी की। आज हम उन्हें टीना अंबानी के नाम से जानते हैं और राजेश खन्ना उन्होंने कभी डिंपल को औपचारिक तलाक नहीं दिया। दोनों अलग रहे लेकिन कानूनी रूप से हमेशा पति-पत्नी ही रहे। [संगीत] राजेश खन्ना ने खुद इसे कंफर्म किया था और यह कई बायोग्राफी और इंटरव्यूज में डॉक्यूमेंटेड है। शोहरत सब कुछ दे सकती है लेकिन रिश्तों की टूटन नहीं रोक सकती। हम्म।

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