60-70 के दशक में बॉलीवुड ने कुछ ऐसे गाने दिए हैं जो अब तक सदाबहार हैं और आगे भी कई दशकों तक एवरग्रीन बने रहेंगे। खासकर अगर यह गीत मोहम्मद रफी के हो तो बात ही अलग है। भारतीय सिनेमा के लेजेंड्री सिंगर रफी साहब के गीतों के तो करोड़ों लोग आज भी दीवाने हैं।
दोस्तों वीडियो में आगे बढ़ने से पहले प्लीज मेरे चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकन को जरूर प्रेस कर दीजिएगा। तो चलिए दोस्तों वीडियो को आगे बढ़ाते हैं। रफी साहब के गीतों के तो करोड़ों लोग आज भी दीवाने हैं। इस बात का सबूत उनके गानों से और उनके पीछे की स्टोरीज से पता चल ही जाता है।
एक ऐसी ही स्टोरी 63 साल पुराने एक गाने की जिसके लिए मुंबई की सड़कों पर 6 घंटे का जाम लग गया था। तो दोस्तों, जिस गाने की हम बात कर रहे हैं, वह 1963 में रिलीज हुई फिल्म ब्लक मास्टर का है। जिसके बोल हैं गोविंदा आला रे आला जरा मटकी संभाल ब्रिज बाला। इस गीत को अपने अनोखे अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता शम्मी कपूर पर फिल्माया गया था।
तो किस्सा कुछ यूं था कि शम्मी कपूर के अंदाज और एनर्जी के तो लोग दीवाने थे ही। और जब सबको पता चला कि उनका एक गाना मुंबई की रियल सड़कों पर फिल्माया जा रहा है, तो शूटिंग लोकेशन पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसका असर यह हुआ कि भीड़ बेकाबू हो गई और मुंबई की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई, और गाड़ियां जहां की तहां रुक गई, और इस वजह से सड़कों पर तकरीबन 6 घंटे का ट्रैफिक जाम लगा रहा। इस गाने की एक और खास बात यह है कि शमी कपूर के साथ बैकग्राउंड में डांस करने वाले कोई प्रोफेशनल डांसर्स नहीं
बल्कि गिरगांव के चोल के लड़के और गोविंदा मंडल के सदस्य थे। मोहम्मद रफी की आवाज में यह गीत जन्माष्टमी की शान है और दही हांडी जैसे कार्यक्रमों में यह खूब बजाया जाता है। छह दशकों बाद भी इस गीत का जादू वैसा का वैसा ही बना हुआ है। इस गीत के बोल राजेंद्र कृष्ण ने लिखे थे और संगीत आनंद जी कल्याण जी ने दिया था। मोहम्मद रफी की जादुई आवाज और शम्मी कपूर के चंचल अंदाज ने इस गीत को सदाबहार बना दिया। ब्लॉक मास्टर फिल्म का डायरेक्शन मनमोहन देसाई ने किया था। इस फिल्म में शम्मी कपूर के साथ सायरा बानो, प्राण और ललिता पवार ने अहम भूमिका निभाई थी। तो दोस्तों, आज का यह वीडियो यहीं समाप्त करते हैं। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में। तब तक के लिए आप सभी को टाटा बाय-बाय, टेक केयर।