[संगीत] एक रिश्ता, एक होने वाली शादी और लव ट्रायंगल और उसके बाद पुणे में हुआ एक ऐसा केस जिसने पूरे केस को मिस्ट्री में बदल दिया। शुरुआत में मामला एक्सीडेंट का लगा। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की इन्वेस्टिगेशन आगे बढ़ी, कहानी की परतें खुलती चली गई और अब इस केस में एक बड़ा नाम सामने आया है और वो नाम है रितेश का। दरअसल पुणे की पुलिस ने 22 साल के रितेश को केतन अग्रवाल मर्डर केस में गिरफ्तार किया है।
खास बात यह है कि रितेश पहले से गिरफ्तार चेतन चौधरी का दोस्त बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान सामने आया कि रितेश को केतन को मारने की प्लानिंग की जानकारी थी और कथित तौर पर वो इस पूरे केस का हिस्सा भी था। चलिए अब आपको पूरी कहानी सरल भाषा में समझाते हैं। दरअसल केतन अग्रवाल एक बिजनेसमैन था और उनकी इंगेजमेंट सिया गोयल से हुई थी। पुलिस का आरोप है कि सिया का चेतन चौधरी के साथ रिलेशन था और इसी लव ट्रायंगल ने पूरे मामले को काफी ज्यादा सेंसिटिव बना दिया।
18 जून को केतन की एक किले के ऊपर मौत हुई। पुलिस की मानें तो सिया और चेतन ने कथित तौर [संगीत] पर केतन को खाई में धक्का दिया था। जिसके बाद उसकी मौत हो गई। दोनों को 23 जून को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन अब इन्वेस्टिगेशन में एक और नाम सामने आया है जिससे बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस की माने तो रितेश को पहले से इस कथित प्लान के बारे में जानकारी थी। सोर्सेज की मानें तो उसमें कहा जा रहा है कि उसे केतन को घायल करने और बाद में जान से मारने की योजना के बारे में पहले से पता था। पुलिस का दावा है कि घटना के बाद चेतन ने रितेश से कांटेक्ट किया और केतन की मौत के बारे में बताया था।
इन आरोपों की फिलहाल तो जांच चल रही है और इस केस में सबसे बड़ा ट्विस्ट यही है कि जो मामला शुरुआत में एक एक्सीडेंट दिखाने की कोशिश की जा रही थी अब पुलिस इन्वेस्टिगेशन के बाद यह पूरी तरह से एक प्लीड मर्डर की दिशा में आगे बढ़ चुका है। वहीं कुछ लोगों का दावा है कि सिया और चेतन के कथित तौर पर अपने प्लान में कामयाब होने की योजना तो थी लेकिन पुलिस ने पूरा पासा बदल दिया। दरअसल रितेश इस केस में गिरफ्तार होने वाला तीसरा आरोपी है और उसे कोर्ट ने 12 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। अब इन्वेस्टिगेशन यह पता लगाने में जुटा है
कि आने वाले वक्त में इस पूरे मामले में और कौन सा नया मोड़ निकलता है और इसमें रितेश की क्या भूमिका थी और पूरे प्लान में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस इसकी भी जांच में जुटी है। यानी कि यह पूरा मामला कीतन अग्रवाल की इस अब सिर्फ एक मौत की इन्वेस्टिगेशन नहीं रहा बल्कि नई गिरफ्तारी के साथ पूरी कहानी का चैप्टर बदल गया है। लेकिन फिलहाल असली सच क्या है? किसकी कितनी भूमिका थी? और आखिर में केतन की मौत के पीछे की पूरी कहानी क्या थी? इन सवालों के जवाब तो पुलिस इन्वेस्टिगेशन और अदालत के प्रोसेस के बाद ही साफ हो पाएंगे।