हनुमान अंश ट्रेड एक्सपर्ट्स के लिए यह फिल्म [संगीत] बॉक्स ऑफिस पर होने वाली किसी जादू से कम नहीं है। हो भी क्यों ना आखिर 12 लाख की ओपनिंग [संगीत] लेने वाली ये छोटी सी फिल्म 24वां दिन बीतने तक बॉलीवुड की सबसे प्रॉफिटेबल मूवीज में से एक बन चुकी है। प्रॉफिट भी कोई ऐसी वैसी [संगीत] नहीं बल्कि 266% का। खबर लिखे जाने तक इसने अपनी लागत से 23 गुना ज्यादा [संगीत] पैसे कमा लिए हैं। ₹ करोड़ के मामूली बजट पर बनी हनुमान अंज नीम करोली बाबा की बायोपिक [संगीत] है। वैसे तो उन पर विंडफॉल ऑफ ग्रेस और मूव्ड बाय ग्रेस जैसी कई डॉक्यूमेंट्रीज भी बन चुकी है। 2026 में श्री बाबा नीब करोरी महाराज नाम से [संगीत] एक मूवी भी आई। मगर सबसे ज्यादा चर्चा विशाल चतुर्वेदी के डायरेक्शन में बनी हनुमान अंश की ही हो रही है। सैकल्क के आंकड़ों के मुताबिक 7 अगस्त को रिलीज हुई [संगीत] इस फिल्म ने ओपनिंग डे पर केवल ₹12 लाख कमाए थे। वीकेंड तक हनुमान अंश की कमाई [संगीत] ₹71 लाख तक पहुंच गई।
पहला हफ्ता बीतने तक मूवी ने ₹1 करोड़ ₹27 [संगीत] लाख का ग्रॉस कलेक्शन किया। दूसरे हफ्ते में यह कमाई बेतहाशा [संगीत] गिरी और फिल्म ने उन 7 दिनों में केवल ₹49 लाख बटोरे। मगर इसके बाद हनुमान अंश की कमाई में [संगीत] ऐसी उछाल आई कि इसने तीसरे हफ्ते में 12 करोड़ ₹16 लाख पीट दिए। फिल्म के बजट को देखते हुए यह काफी बड़ा आंकड़ा है। मगर असली धमाका तो चौथे हफ्ते में हुआ। इसके शुरुआती तीन दिनों में फिल्म ने 7 [संगीत] करोड़ 44 लाख, 11 करोड़ और ₹15 करोड़ कमाए। इन्हें जोड़ दें तो आंकड़ा 33 करोड़ 44 [संगीत] लाख तक पहुंच जाता है। फिल्म ने शुरुआती तीन हफ्तों में जितने पैसे कमाए थे चौथे के तीन दिनों में ही उससे ज्यादा कलेक्ट कर लिए। कुल मिलाकर रिलीज के 24 दिनों में फिल्म का वर्ल्ड वाइड कलेक्शन [संगीत] ग्रॉस 47 करोड़ 33 लाख पहुंच गया है।
यह फिल्म के बजट से लगभग ₹266.5% [संगीत] ज्यादा है। ओपनिंग डे पर हनुमान अंश ने ₹1 लाख [संगीत] कमाए थे और 24वें दिन पर 15 करोड़। यह लगभग 12,400% [संगीत] की ग्रोथ है। हनुमान अंश के इस जबरदस्त ग्रोथ के पीछे कई फैक्ट्स भी हैं। अवल तो यह कि भारत में नीमकरली बाबा के भक्त खासकर नॉर्थ [संगीत] इंडिया में बहुत बड़ी संख्या में हैं। इसलिए जब फिल्म ने एक बार रफ्तार पकड़ी तो इसे दर्शक बटोरने में ज्यादा दिक्कतों [संगीत] का सामना नहीं करना पड़ा। दूसरा कारण यह है कि यश की टॉक्सिक को ऑडियंस से काफी नेगेटिव रिस्पांस मिला है। इससे हनुमान अंश को हिंदी बेल्ट में अच्छा खासा पैसेज [संगीत] मिल गया। कई सिनेमाघरों ने टॉक्सिक के शोज़ हटाकर हनुमान अंश के शोज़ बढ़ा दिए। तीसरा यह कि फिल्म के गाने बहुत अच्छे हैं। इनमें मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान [संगीत] और जब ज़िद पे आ गई पार्वती तो खूब वायरल भी हुए। सोशल मीडिया पर कई इन्फ्लुएंसर्स [संगीत] उन गानों पर वीडियोस बना रहे हैं। इससे फिल्म को सोशल मीडिया पर अच्छा अट्रैक्शन मिल गया जो फिल्म के बॉक्स ऑफिस [संगीत] परफॉर्मेंस में रिफ्लेक्ट हुआ। हनुमान अंश में नीम करौली बाबा का रोल शोभिनव सत्य ने प्ले [संगीत] किया है। वो एफटीआईआई पुणे के एलुमनी हैं।
बतौर एक्टर यह उनकी पहली फिल्म है। इससे पहले उन्होंने कैमरे [संगीत] के पीछे का काम संभाला है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर [संगीत] की थी। 2019 में शोभिनव ने राघिनी एमएमएस रिटर्न सीरीज में ट्रेनी असिस्टेंट डायरेक्टर [संगीत] के तौर पर काम किया था। यही नहीं उन्होंने 2025 में सीआईडी के कुछ एपिसोड्स में सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर का काम [संगीत] भी किया। लगभग उसी दौरान डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी से उनकी मुलाकात हुई। विशाल को उनकी सादगी पसंद आई और इसी वजह [संगीत] से उन्होंने शोभिनव को हनुमान अंश में बतौर लीड एक्टर कास्ट कर लिया। हनुमान अंश का मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान गाना इंटरनेट पर खूब [संगीत] वायरल हो रहा है। मगर कम ही लोगों को पता है कि इस बुंदेली भक्ति गीत के पीछे एक 25 साल का नेत्रहीन सिंगर [संगीत] सुनील लोधी है। इससे पहले वो मेरे संकट के कटैया गाने से भी वायरल हो चुके हैं। मेकर्स को उनकी रॉ आवाज [संगीत] काफी पसंद आई थी। इसलिए उन्होंने फिल्म में भी उसे जस का तस रखा। उनका यह फैसला सही साबित हुआ और अब यह गाना खूब पसंद [संगीत] किया जा रहा है। डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने हनुमान अंश की मेकिंग के दौरान प्रेमानंद महाराज को अप्रोच किया था। उन्होंने मेकर्स को सलाह दी थी कि [संगीत] फिल्म के लीडिंग एक्टर यानी शोभिनव शूटिंग के दौरान पूरी तरह शाकाहारी बन जाए। यही नहीं उन्होंने शोभिनव को नीमकरली बाबा की तरह ही कड़े नियम का पालन करने को भी कहा था। वैसे इस तरह के नियम केवल शोभिनव पर ही [संगीत] नहीं सेट पर मौजूद सभी लोगों पर थे। विशाल के मुताबिक वहां गाली गलौज पर सख्त पाबंदी थी।
सेट पर कोई भी लड़ाई या बहस [संगीत] नहीं कर सकता था। खाने में केवल वेज का ऑप्शन था। मेकर्स ने यह नियम बनाया कि हनुमान अंश से जुड़ा कोई भी शख्स शराब [संगीत] नहीं पिएगा। हर दिन शूटिंग की शुरुआत और अंत हनुमान चालीसा से होती। हनुमान अंश को केवल 2 करोड़ में बनाया गया है। ऐसे में मेकर्स के पास फिल्म प्रमोट करने के [संगीत] लिए बिल्कुल भी पैसे नहीं थे। इसलिए उन्होंने एक तरकीब निकाली।
उन्होंने तय किया कि वह जगह-जगह पर भंडारा करवाएंगे। हुआ भी कुछ ऐसा ही। भंडारा करवाने में ऑफिशियल प्रमोशन की तुलना [संगीत] में कम पैसे लगे। विशाल के मुताबिक उन्होंने टोटल आठ भंडारों का आयोजन किया था। वहां जो भी आता मेकर्स उन्हें फिल्म के बारे में बताते। इस तरह उन्होंने बेहद आसानी से अपनी फिल्म को लोगों तक पहुंचा [संगीत] दिया। शुरुआत में तो ज्यादा दर्शक नहीं मिले मगर एक बार जब लोगों को फिल्म पसंद आई तो इसे देखने [संगीत] वालों का तांता लग गया। उसी का नतीजा है कि आज हनुमान अंश देश की सबसे प्रॉफिटेबल फिल्मों में से एक बन गई है। यह तमाम जानकारी मेरे साथी शुभांजल [संगीत] ने जुटाई है। अगर आपने भी हनुमान अंश देख ली है तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा कि आपको [संगीत] फिल्म कैसी लगी। देखते रहिए लल्लन टॉप सिनेमा। शुक्रिया। [संगीत]