मेरी [संगीत] तू जिस्म मेरा [संगीत] मेरा ये दास्ता है अमृतसर की उन तंग गलियों से निकलकर मुंबई के आलीशान महलों तक पहुंचने वाले एक ऐसे जादुई मगर कांटों भरे सफर की जिसे देख दुनिया दंग रह गई। कहानी है उस बनावटी हंसी की जिसके [संगीत] पीछे पिता को खोने का दर्द, सालों का अकेलापन और कामयाबी के शिखर पर छिपे हुए डरावने जख्म आज भी चीखते हैं। उस समय तो लगता था कि जैसे अब बस खत्म होने वाला है काम। वो शायद होता है ना बड़ा बड़ा गंदा वाला फेस था। सो हां वो फेस था एक निकल गया। ठीक है। आई थिंक सबकी लाइफ में कुछ ना कुछ ऐसा आता होगा। हमारे भी आया। आज बात शोहरत के उस जानलेवा नशे और अंधे अहंकार की जिसने एक पल में बरसों पुरानी वफादारियों को पैरों तले कुचल दिया और अपनों को ही पराया कर दिया। वो ठीक नहीं है सर ही इज डिप्रेस्ड। वो मेंटली ठीक नहीं है। बात जमीन से 300 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हुए जहाज में हुई उस खौफनाक रात की। जहां एक भरे हुए ग्लैन फिडिच के गिलास और एक जूते ने कॉमेडी के बादशाह का गुरूर मिट्टी में मिला दिया। कि सुनील के साथ मेरा झगड़ा हुआ ही नहीं था एक्चुअली। आई लव हिम। और मुझे बेस्ट लोगों के साथ काम करना अच्छा लगता है। यह दास्ता है उस शख्स की जिसने ग्लैमर की चकाचौंध में अपनी बरसों पुरानी मोहब्बत को धोखा दिया। और फिर अपनी ही लिव इन पार्टनर की पीठ में खंजर घोंपकर खुद को बर्बादी की आग में झोंक। यह दास्ता है उस ऑन स्क्रीन बीवी सुमोना की जिसने अपमान के घूंट पीकर भी सालों साथ निभाया। पर जैसे ही बड़े प्लेटफार्म की बारी आई उसे बिना बताए गुमनामी के अंधेरे में धकेल दिया गया। कपिल का हर सीजन में विदिन अ सीजन उसके पार्टनर्स या तो छोड़ के चले जाते हैं। दे गेट फायनल। उसका कोई एक पार्टनर टिकता नहीं है। लेकिन क्या आपको पता है कि कैमरों के सामने दिखने वाली वो नकली मुस्कान [संगीत] जिसका असली राज अब जिम की मेहनत में नहीं बल्कि महंगी कॉस्मेटिक सर्जरी और स्कैल्प पैच के बंद [संगीत] कमरों में कैद है। ये ये बहुत ही गुणी डॉक्टर्स हैं। इनकी जो टीम है और बड़ा अच्छा ट्रीटमेंट करते हैं।
बड़ी अच्छी टेक्नोलॉजी है। बात करोड़ों दिलों पर राज करने वाली उस कॉमेडी किंग कपिल शर्मा की जिसकी चमकती दुनिया के पीछे का काला सच आज हम आपके सामने बेनकाब करने जा रहे हैं। मैं एक्चुअली अपसेट था और मेरी एक प्रॉब्लम है। मैं आई ऍम नॉट अ गॉड। हर इंसान गलतियां करता है। आज की ये कहानी है शोहरत की, धोखे की और उस कड़वे सच की जिसे कैमरा कभी नहीं दिखाता। तो तैयार हो जाइए क्योंकि आज हम कपिल शर्मा की अनकही दास्ता की एक-एक परत खोलने जा रहे हैं। [संगीत] दे विचो नहीं मैं प्यार लबदा एक वारी नहीं वार वदा [संगीत] [संगीत] हर सफर में तू हमसफर चाहिए [संगीत] अमृतसर की उन गलियों से निकलकर पूरी दुनिया के दिलों पर राज करने वाले कपिल शर्मा का शुरुआती सफर किसी इमोशनल बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं है। आज जब इस लड़के को दुनिया शर्मा के नाम से जानती है लेकिन इसकी असली पहचान कपिल पुंज से शुरू होती है। पहली नाल सीिया लड़ाई [संगीत] दूजी नाल वादे कसमा 2 अप्रैल 1981 को पंजाब के अमृतसर में एक लोअर मिडिल क्लास परिवार में कपिल का जन्म हुआ। उनके पिता जितेंद्र कुमार पुंज पंजाब पुलिस में एक [संगीत] सख्त लेकिन ईमानदार हेड कास्टेबल थे और मां जनक रानी एक साधारण हाउसवाइफ थी। कपिल का परिवार अनुशासन और सादगी के बीच [संगीत] पला बढ़ा। घर में वर्दी का रोप तो था लेकिन आर्थिक तंगी हमेशा साए की तरह साथ रहती थी। कपिल के एक बड़े भाई हैं अशोक कुमार पुंज और एक बहन पूजा। कपिल बचपन से ही थोड़े शरारती लेकिन बेहद मिलनसार स्वभाव के थे। उनका व्यवहार ऐसा था कि वह मोहल्ले के हर फंक्शन में अपनी बातों से रौनक लगा दिया करते थे। कपिल की शुरुआती पढ़ाई अमृतसर के हिंदू सभा सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई। पढ़ाई में वह औसत थे। लेकिन उनका दिल किताबों से ज्यादा स्कूल के मंच पर लगता था। इसके बाद उन्होंने खालसा कॉलेज और फिर एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की। अजीब इत्तेफाक देखिए। कपिल के पिता जो पुलिस में सख्त ड्यूटी में दिन रात लगे रहते थे, वह खुद एक बेहतरीन थिएटर आर्टिस्ट थे। यह एक ऐसा सच था जो कपिल को बहुत बाद में पता चला। उनके पिता अक्सर उन्हें स्कूल और कॉलेज के फंक्शन में गाने और एक्टिंग करने के लिए प्रोत्साहित करते थे। असल में कपिल अनजाने में अपने पिता के उन्हीं अधूरे सपनों को जी रहे थे। जिन्हें जिम्मेदारियों के बोझ ने कभी पूरा नहीं होने दिया। साल 1997 में जब कपिल सिर्फ 16 साल के थे और अपने करियर के सपने बुनना शुरू ही किया था,
तभी उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। [संगीत] उनके पिता को कैंसर डायग्नोस हुआ। क्राइंग कि यार ये ऐसे कैसे हो गया? तो मैंने कहा डैडी को नहीं बताएंगे। तो हम भी कितने साल के होंगे उस समय 19-20 साल का तो मैं अगले 7 साल उस परिवार के लिए किसी नर्क से कम नहीं थे। घर की सारी जमा पूंजी धीरे-धीरे अस्पताल के बिलों में स्वाहा होने लगी। हालत यह हो गई थी कि कपिल जो अपनी पढ़ाई और सिंगिंग पर ध्यान देना चाहते थे उन्हें अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी करते ही काम की तलाश में निकलना पड़ा। जरा सोचिए वो लड़का जो कल तक गाने की धुनें गुनगुनाता था। आज वो अमृतसर की गलियों में एक पीसीओ पर बैठा था। उन्होंने अपनी जरूरतों को मारने के लिए कपड़े की दुकान और जनरल स्टोर में सेल्समैन जैसी छोटी-मोटी नौकरियां की। मकसद सिर्फ एक था कि पिता का इलाज हो सके और घर का चूहा जलता रहे। दर्द की पराकाष्ठा तो तब हुई जब कपिल अपने पिता को अस्पताल के एक प्राइवेट रूम में शिफ्ट करना चाहते थे ताकि उन्हें थोड़ी राहत मिल सके लेकिन जेब में इतने पैसे नहीं थे कि वो जनरल वार्ड से हटकर एक कमरा ले सके। यार यही हॉस्पिटल है सदर जंगना जहां पापा लास्ट दिनों में थे। कपिल ने अपनी आंखों से अपने उस जांबाज पिता को जो कभी पुलिस की वर्दी में दहाड़ते थे बिस्तर पर तिलतिल कर मरते देखा। बहुत हो रहा है। बहुत दुख हो रहा है पेट में। मेरे पेट में दर्द हो रहा है। मैं मर जा। दर्द इतना भयानक था कि एक दिन कपिल के दिल से भगवान के लिए यह दुआ निकली कि हे ईश्वर अब इन्हें अपने पास बुला ले। इनका यह दर्द अब सहा नहीं जाता। वो पांच छह दिन बड़े भयंकर थे। उस उस दिन मैंने शायद खुद ही भगवान को बोला कि भगवान या तो आप ले जाओ और या यह दर्द मत दो इतना। साल 2004 में आखिरकार उनके पिता ने दम तोड़ दिया। और दोस्तों यह हकीकत रूह कपा देने वाली है कि जिस बेटे ने पूरी उम्र सबको हंसाने का बीड़ा उठाया, उसी बेटे के पास उस वक्त इतने पैसे भी नहीं थे कि वह अपने पिता का अंतिम संस्कार कर सके। कपिल ने अपने दोस्तों के सामने हाथ फैलाए। उनसे पैसे उधार दिए। तब जाकर अपने पिता की अंतिम विदाई की। ही पास्ड अवे इन 2004 तो कभी-कभी मैं सोचता हूं यार भगवान मतलब चार पांच साल और दे देता यार। पर वही है कि हम तो बड़ा कुछ सोचते हैं। कपिल अक्सर कहते थे कि उन्होंने अपने पिता को तिल तिल मरते देखा था और उस बेबसी ने ही उनके भीतर उस जिद को पैदा किया कि अब चाहे जो हो जाए दुनिया में अपना नाम बनाकर ही दम लूंगा। यही वह दौर था जिसने कपिल पुंज को कपिल शर्मा बनाने की नींव रखी। पिता के जाने के बाद कपिल के कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी आ गई थी। कॉलेज खत्म हुआ लेकिन हाथ में कोई ढंग की नौकरी नहीं थी। अब शुरू हुआ करियर का वह दौर जहां एक-एक पैसे के लिए कपिल को जद्दोजहद करनी पड़ी। उन्होंने एक पंजाबी बैंड में कोरस सिंगर के तौर पर काम करना शुरू किया। जानते हैं उनकी पहली कमाई कितनी थी? सिर्फ ₹300। वो शादियों और छोटे-मोटे इवेंट्स में पीछे खड़े होकर गाना गाया करते थे। टीवी या कॉमेडी करने से पहले मैंने बड़े छोटे-छोटे जॉब किए। मुझे कोई बता रहा था जगरातों में भी आपने गाना गाया है। जी वो कोरस सिंगिंग होती है ना मेन सिंगर के साथ पीछे। हम हां मतलब काफी काम किया है। यहीं उनकी मुलाकात हुई चंदन प्रभाकर से जिन्हें आज आप चंदू चाय वाले के रूप में जानते हैं। चंदू [प्रशंसा] मेरे दोस्त तू वापस आ गया। अरे जपे तो डाल यार। [संगीत] [प्रशंसा] ये दोनों बचपन के दोस्त थे और साथ में थिएटर किया करते थे। कपिल के पास म्यूजिक का सब्जेक्ट नहीं था लेकिन उन्होंने थिएटर सिर्फ इसलिए जॉइ किया क्योंकि उन्हें [संगीत] लगा कि यहां एक्टिंग के साथ-साथ गाने का भी मौका मिल जाएगा। कॉलेज में उनकी मिमिक्री और कॉमेडी इतनी मशहूर हुई कि उन्हें स्कॉलरशिप तक मिलने लगी। लेकिन असली मोड़ आया साल 2007 में। कपिल ने अमृतसर में द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज सीजन 3 के लिए ऑडिशन दिया। लेकिन दोस्तों [संगीत] किस्मत ने यहां भी उनकी परीक्षा ली। उन्हें पहले ही राउंड में रिजेक्ट कर दिया गया।
अमृतसर ऑडिशन लेने आए थे। हां। तो वहां पे तो उन्होंने फटाफट बोलते हैं ना 2 मिनट में सुनाओ कुछ। मैंने 2 मिनट में कुछ ना कुछ सुनाया। उन्होंने आधे मिनट में रिजेक्ट करके निकल गए ना। [हंसी] मजेदार बात यह है कि उसी ऑडिशन में उनके दोस्त चंदन सेलेक्ट हो गए। लेकिन कपिल हार मानने वालों में से नहीं थे। उनके पास पैसे नहीं थे लेकिन खुद पर यकीन अटूट था। उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे शहर दिल्ली जाकर फिर से ऑडिशन दिया। इस बार जजों ने उनकी प्रतिभा [संगीत] को पहचाना और उन्हें शो के लिए चुन लिया गया। तब पता चला दिल्ली में फिर ऑडिशन है। ओ दिल्ली में कोई और बंदा आया हुआ था ऑडिशन लेने। मैंने कहा फिर ट्राई किया दिल्ली में। दिल्ली में जब किया तो फिर मेरा सिलेक्शन हो गया। मुंबई के चकाचौंध के बीच अमृतसर का यह लड़का अपनी कॉमेडी से सबको हैरान करने लगा। उनकी कॉमेडी में वह अमृतसरी तड़का था जो दर्शकों को अपना दीवाना बना गया। सबसे पहले तो मेरा सभी को प्रणाम और सभी ऑडियंस जितने बैठे हुए हैं क्योंकि मेरे लिए सभी बहुत पूजनीय है आप लोगों की वजह से हम लोग हैं। और फिर आया वो ऐतिहासिक पल जब शो के विनर की घोषणा हुई तो पूरी दुनिया के सामने नाम गूंजा कपिल शर्मा। उन्हें ना सिर्फ ट्रॉफी मिली बल्कि 10 लाख की इनामी राशि भी मिली। लेकिन जीते हुए पैसों से कपिल ने कुछ ऐसा किया जिससे उनके परिवार में उनका कद और ज्यादा बढ़ गया। जीत के उन ₹1 लाखों से कपिल ने अपने लिए सुख सुविधाएं नहीं खरीदी बल्कि अपनी बहन [संगीत] की शादी धूमधाम से की। यहीं से उनके मन में यह बात बैठ गई कि वह [संगीत] अपने परिवार और साथ काम करने वालों के भाग्य विधाता हैं। यही सोच आगे चलकर उनके करियर में अहंकार और विवादों की वजह भी बनी। लाफ्टर चैलेंज जीतने के बाद कपिल रुके नहीं। उन्होंने कॉमेडी सर्कस के लगातार छह सीजन [संगीत] जीतकर एक ऐसा रिकॉर्ड दिया जिसे तोड़ना नामुमकिन है। कपिल पार्वती आपको मिलते हैं 56 पॉइंट्स। यानी आप बन चुके हैं कॉमेडी के सबसे बड़े दुश्मन। [संगीत] पिता के जाने के बाद जिस ज़िद ने कपिल को लाफ्टर का बादशाह बनाया। उसी जिद ने उन्हें अपना खुद का साम्राज्य खड़ा करने के लिए उकसाया। 2013 में कॉमेडी नाइट्स विद कपिल ल्च हुआ और रातोंरात इसने इतिहास रच दिया। छोड़ यार तू तो मुझे भूल ही गया था यार। आपको कोई कैसे भूल सकता है? प्रधानमंत्री से ज्यादा तो आप न्यूज़ में रहते हैं। [प्रशंसा] हालांकि इसकी शुरुआत इतनी आसान नहीं थी। [संगीत] कोई भी बड़ा स्टार एक नए कॉमेडियन के शो पर आने को तैयार नहीं था। तब कपिल ने धर्मेंद्र पाजी को फोन किया और उन्होंने बड़े दिल के साथ हां कह दी। किस सेलेब को बुलाया और कोई भी नहीं आने को उस समय तैयार था और तो फिर मुझे लगा कि यार एक बार धर्मपाजी के पास चलते हैं तो मैंने उनसे वक्त लिया और मिलने गए। उन्होंने कुछ नहीं पूछा क्या है शो? मैंने कहा पाजी मैं बना रहा हूं पहली बार और मैं चाहता हूं कि आप हमारे गेस्ट आए। आई रिमेंबर हर नेम पूनम शायद। उनको बोला कि यह मेरा बेटा है और इसको डेट निकाल के दो। इसके बाद तो जैसे बाढ़ आ गई। जो स्टार्स पहले कतराते थे, अब वह कपिल के शो पर आने के लिए हफ्तों इंतजार करने लगे। बाबा जी का ठुल्लू जैसे डायलॉग गली-गली में गूंजने लगे। कपिल अब सिर्फ एक कॉमेडियन नहीं बल्कि एक ब्रांड बन चुके थे। लेकिन जैसे ही सफलता का सूरज चढ़ा परछाइयां भी लंबी होने लगी। इंडस्ट्री में यह कानाकूसी तेज हो गई कि जिसे दुनिया कपिल का ओरिजिनल स्टाइल कह रही है वह दरअसल ब्रिटिश शो द कुमार सेट नंबर 42 का एक सस्ता देसी वर्जन है। वही परिवार का ढांचा वही दादी का दखल देना और वही मेहमानों की खिंचाई सब [संगीत] कुछ उधार का था। यहां तक कि स्टैंड अप की दुनिया के उभरते सितारे अभिजीत गांगुली ने जब उन पर खुलेआम जोक्स चोरी करने का आरोप लगाया तो यह साफ हो गया कि इस बादशाहत की दीवारें क्रिएटिव चोरी के सीमेंट से बनी है। ये मानेगा नहीं बंदा मैं शत्रु साहब से शिकायत करता हूं मैं। हां जी शतरु शत्रु [हंसी] हेलो हां जी शत्रु साहब हां जीरो हां जी फ़ उठाइए [प्रशंसा] जब कपिल अपने शो का ढांचा तैयार कर रहे थे तब उन्होंने सबसे पहले सुमोना चक्रवर्ती को याद किया था। सुमोना ने 10 साल तक कपिल के हर भद्दे मजाक, उनके रंगभेदी तंज और बत्तख जैसे होंठ वाले कमेंट्स को सिर्फ इसलिए सहा क्योंकि वो उस टीम को अपना परिवार मानती थी। कसम से होठ अलग ही दिख रहे हैं मुंह से। [संगीत] ये टोपी पहन जादूगर कबूतर निकाल के दिखा उनको मेहमान आए हैं। मगर वफादारी का यह सिलसिला तब टूटा जब कपिल को Netflix का बड़ा और ग्लोबल मंच मिला। जिस सुमोना ने कपिल के डिप्रेशन और शराब की लत वाले सबसे काले दिनों में उनका साथ नहीं छोड़ा, उसे नए शो की कास्ट से ऐसे बाहर किया गया जैसे कोई गैर हो। रिपोर्ट के मुताबिक सुमोना को एक फोन कॉल तक नहीं किया गया। कपिल को लगने लगा था कि वह अब इतने बड़े हो चुके हैं कि उन्हें पुराने लोगों की जरूरत नहीं रही। सुमोना को किनारे करने का बीज शायद उसी दिन पड़ गया था जब मार्च 2017 में मेलबर्न से लौटते वक्त सिडनी की फ्लाइट में कपिल ने आपा खो दिया। शराब के नशे में डूबे कपिल ने जब देखा कि उनकी [संगीत] टीम ने उनसे पहले खाना शुरू कर दिया है तो उनका राजा वाला अहंकार भड़क उठा। उन्होंने चिल्लाकर कहा, तुम लोगों की औकात क्या है? सबको मैंने बनाया है। और इसी बीच जब सुनील ग्रोवर ने उन्हें शांत कराना चाहा तो कपिल ने अपना जूता उतार कर उन्हें दे मारा। मैं एक्चुअली अपसेट था और मेरी एक प्रॉब्लम है। मैं आई एम नॉट अ गॉड। हर इंसान गलतियां करता है। यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं था। यह उस इनसिक्योरिटी का नतीजा था जो कपिल को तब महसूस होती थी जब सुनील ग्रोवर की लोकप्रियता उनके बराबर पहुंचने लगती थी। आपको पता है यही बातों से फिर झगड़े हो जाते। लेकिन लोग एंजॉय करते हैं। [हंसी] बाहर मैं खड़ा हुआ था। एक आदमी आया मेरे पास।
कहता आपकी लड़ाई का सीजन टू कब आ रहा है? [हंसी] कौन पूछ रहा था ये बात? ये पापा राज़ पापा राज़ इस एक जूते ने ना सिर्फ सुनील को बल्कि कपिल के सुनहरे दौर को भी जमीन पर लापटका। फ्लाइट कार्ड ने सिर्फ सुनील ग्रोवर को ही शो से दूर नहीं किया बल्कि कपिल के अंदर के उस कलाकार को भी तोड़ दिया जिसे अपनी टीम पर सबसे ज्यादा गुमान था। तो सुनील के साथ मेरा कभी झगड़ा हुआ ही नहीं। चीजें ऐसी कुछ हो गई मुझे मैं इतना इरिटेट हो गया था। जब सुनील, अली असगर और चंदन प्रभाकर ने एक साथ शो छोड़ा तो कपिल को पहली बार उस अकेलेपन का एहसास हुआ जो शोहरत के साथ मुफ्त आता है। उस समय कपिल ने अपने करियर की सारी जमापूंजी और साख अपनी फिल्म फिरंगी पर लगा दी थी। उन्हें उम्मीद थी कि वो सिर्फ एक कॉमेडियन नहीं बल्कि एक बड़े फिल्म स्टार के रूप में उभरेंगे। उसका नाम था मंगा। घर के किसी सियाने आदमी को बुला लो। सियारा ही हूं मैं वो तो उस दिन ऐसे ही बच्चों के साथ थोड़ा जिंदगी [संगीत] की हर दौड़ में अवलजे परिवार का सबसे लायक लाडला लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। करोड़ों का [संगीत] नुकसान और डूबता हुआ करियर। इस दोहरी मार ने कपिल के दिमाग पर गहरा असर किया। जो इंसान कल तक सबको हंसाता था, वह अब खुद के वजूद पर सवाल उठाने लगा था। लेकिन दोस्तों, क्या सुनील ग्रोवर के साथ हुआ वह झगड़ा ही कपिल के पतन की इकलौती वजह थी? या फिर पर्दे के पीछे कोई और [संगीत] भी था जो कपिल के दिल और दिमाग को कंट्रोल कर रहा था। इंडिया में तो लाइन किसी भी चीज के लिए लग जाता है मैडम। चाहे आप आधा पैसा दोगे तब भी। और इसी बात का फायदा उठा रहे हैं आप लोग। चलिए अब बात करते हैं कपिल के उन अफेयर्स और रिश्तों की जिन्होंने उन्हें शोहरत की बुलंदियों पर भी पहुंचाया और फिर बदनामी के दलदल में भी धकेल दिया। दोस्तों, अब आते हैं उस हिस्से पर जिसका जिक्र शायद ही कोई करता है। क्या उनकी पत्नी गिन्नी चतुर थी? कपिल की जिंदगी का पहला और आखिरी प्यार थी या फिर सफलता की सीढ़ियां चढ़ते वक्त कपिल का दिल कहीं और भी धड़का था। चलिए पर्दे के पीछे की उन कहानियों [संगीत] को खंगालते हैं जिन्हें अक्सर दबा दिया जाता है। सौदा ये दिल का दिल से हमने कर लिया। [संगीत] जब कपिल कॉमेडी नाइट्स विद कपिल से शोहरत की बुलंदियों को छू रहे थे तब गलियारों में एक नाम बड़ी तेजी से गूंजा था प्रीति [संगीत] सिमोस का। प्रीति इसी शो की क्रिएटिव डायरेक्टर थी और कहा जाता है कि कपिल की सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ प्रीति का ही था। वो कपिल की ना सिर्फ बिजनेस पार्टनर थी बल्कि खबरें तो यहां तक थी कि दोनों सालों तक लिव इन रिलेशनशिप में रहे। मेरा बहुत प्यार है प्रीति के साथ। अभी भी है। मैं ये कहूंगा कि मुझ में शायद बहुत सारी कमियां है। बहुत सारी कमियां है और मैं बड़ा बहुत जो बड़े-बड़े डिसीजन होते हैं कभी-कभी ऐसे ही ले लेता हूं और कभी-कभी छोटी-छोटी बातें होती हैं जो मैं नहीं डिसाइड कर पाता हूं। सो मेरा अभी भी बहुत प्यार है उनसे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कपिल के हर फैसले में प्रीति की रजामंदी शामिल होती थी। लेकिन फिर आया वो ब्लैक फ्राइडे जिसने इस रिश्ते को नफरत में बदल दिया। अफवाहें तो यह भी हैं कि कपिल और प्रीति का रिश्ता टूटने की वजह भी वही शराब और ईगो था। जब कपिल का सुनील ग्रोवर से झगड़ा हुआ तो प्रीति ने सुनील का साथ दिया। जिससे कपिल को लगा कि उनके सबसे करीबी इंसान ने उन्हें धोखा दिया है। प्रीति सिमोस है इस शो के डायरेक्टर है। खड़े होकर दिखाइए। ये इन्होंने जीना खराब कर रखा है हमारा। इसके बाद कपिल ने प्रीति की बहन नीति सिमोस पर कई गंभीर आरोप लगाए और मामला पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया। प्यार का यह सिलसिला लीगल लड़ाई में बदल गया जिसने कपिल को पूरी [संगीत] तरह तोड़ कर रख दिया। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। ग्लैमर की दुनिया में [संगीत] कपिल का नाम उनकी कोस्टार्स के साथ भी जोड़ा गया। शो के दौरान उनकी और सुमोना चक्रवर्ती जो उनकी पत्नी का रोल करती थी, उनकी केमिस्ट्री [संगीत] को लेकर भी कई बार चटपटी खबरें उड़ी। हालांकि दोनों ने हमेशा इसे सिर्फ दोस्ती का नाम [संगीत] दिया। मतलब कह दो कि जब मैं तुम्हारी आंखों में देखता हूं तुम्हें कुछ नहीं होता है।
पर दोस्तों सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि जब यह सब चल रहा था तब गिन्नी चतुरत कहां थी? हकीकत यह है कि गिन्नी सालों से अमृतसर में कपिल का इंतजार कर रही थी। जब मुंबई के ग्लैमर में कपिल भटक गए थे, तब भी गिन्नी ने एक शब्द नहीं कहा। जब प्रीति सिमोस के साथ विवाद के बाद कपिल डिप्रेशन में थे और अकेले पड़ गए तब गिन्नी ने अपनी चुप्पी तोड़ी और दोबारा उनकी लाइफ में एंट्री ली। यह किसी फिल्मी क्लाइमेक्स से कम नहीं है कि कैसे एक सुपरस्टार [संगीत] अपनी पुरानी मोहब्बत को भूलकर चकाचौंध में खो गया और फिर उसी पुरानी मोहब्बत ने उसे फिर से जिंदा किया। उसके लिए बहुत सम्मान है, प्यार है। वो इसलिए है क्योंकि उसने जब यू नो आपको पसंद करे कोई उस समय की जब आप सड़कों पे घूम ही रहे हो। कोई अता-पता नहीं है तो उस इंसान का तो फिर खास जगह होती है। देखा जाए तो कपिल की लव लाइफ भी उनके करियर की तरह ही उथल-पुथल भरी रही। जहां प्रीति सिमोस ने उन्हें बनाया वहीं गिन्नी ने उन्हें बचाया। पर सवाल यह है कि क्या कपिल ने प्रीति के साथ जो किया वो सही था या फिर शोहरत की भूख ने उन्हें इतना अंधा कर दिया था कि वो अपनों और परायों में फर्क भूल गए थे। सर पता नहीं कोई खूबसूरत हिरण आती ना। मैं मैं करता नहीं मेरे से हो जाता है। जब इंसान अपनी गलतियों का सामना नहीं कर पाता तो वह नशे का सहारा लेता है। कपिल दिन रात शराब में डूबे रहने लगे। हालत यहां तक पहुंच गई कि वो ऑफिस में भी शराब की बोतल [संगीत] साथ रखते थे। तब तो रात पी ही रहे थे। अब ठीक है। फिर एक फेस आ गया कि जब दिन में भी शुरू हो गए। तो जब पी रहे थे तो तब आप कॉन्फिडेंट रहते हो। कि यार सब सही है। फिर जब उतरती थी फिर लगता था। तो वो मेरे से जो गलती हुई कि ऑब्वियसली जो आदमी डिप्रेशन से जूझ रहा होता है उसको नहीं पता होता कि आप क्या ये तो सामने वाले को पता चलता है। इसी नशे के आलम में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को रात के सन्नाटे में ट्वीट कर दिया और एक पत्रकार को फोन पर गालियों से भरी धमकियां दी। अगर तू मुझे मिल गया ना तू इतना घटिया आदमी है तेरी दूंगा मैं। यू कांट स्पीक टू मी लाइक दिस। आई कैन स्पीक टू यू एनी टाइम तू क्योंकि इतना है। यू कैन नॉट स्पीक टू मी लाइक दिस। आई विल आई विल न्यूज़ दिखती है मेरी वजह से। यू कैन बोला नहीं बहुत सालों से। यू कैन नॉट स्पीक टू मी लाइक दिस। यू हैव नो राइट। तेरी बेटी मेरे साथ सोना चाहती है। लिखना उसके बारे में। न्यूज़ बिकेगी। इन घटनाओं ने उनकी फैमिली मैन वाली इमेज को तार-तार कर दिया। Twitter पे चले जाना। मेरे को किसी ने एक गाली देनी तो मैं उसको 10 देता था। तो मेरे दिमाग से ही निकल गया कि फेक अकाउंट बना के भी गाली दी जा सकती है। तो मैं अपने ब्लू टिक वाले से लगा रहा। डिप्रेशन का सबसे बुरा दौर वो था जब कपिल शूट पर तो आते लेकिन वैनिटी वैन से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे।
शाहरुख खान, अजय देवगन और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज सितारे सेट पर इंतजार करते रहते और कपिल अंदर पैनिकिक अटैक से जूझ रहे होते थे। उन्हें लगने लगा था कि अब कोई उन्हें पसंद नहीं करता। वो घंटों अंधेरे कमरे में अकेले बैठे रहते। 1 लाख लोगों के सामने खड़ा होके बोल लेता हूं। लेकिन उस समय यह अवस्था थी सर कि एक चार लोगों के सामने नहीं मैं जा पाता था। उस दौर में मीडिया ने कपिल को एक विलेन की तरह पेश करना शुरू कर दिया था। हर दिन उनके बारे में नई नकारात्मक खबरें आती थी। इसी दबाव में कपिल ने विक्की लालवानी नाम के पत्रकार को फोन करके गालियां दी। [संगीत] उसकी रिकॉर्डिंग लीक हो गई। यह उस इंसान की छटपटाहट थी जो चारों तरफ से घिर चुका था और जिसे समझ नहीं आ रहा था कि अपनी गिरती साख को कैसे बचाएं। जब पूरी दुनिया कपिल के खिलाफ खड़ी थी तब उनकी पुरानी दोस्त और अब पत्नी गिन्नी चतर उनकी ढाल बनी। गिन्नी ने उन्हें शराब के चंगुल से निकाला और लोनावला के एक रिहब सेंटर में भर्ती कराया। मैंने ब्रेक ले लिया। ब्रेक लेने के बाद मैं बोर चला गया। बोर जाके मैंने अपना ट्रीटमेंट करना शुरू किया। यहां पर थोड़ा कपिल और गिन्नी की कहानी को समझते हैं। आप बहुत अच्छे घर से हो। फाइनशियली भी बहुत अच्छे घर से हो। एक स्कूटर वाले लड़के से क्या सोच के प्यार किया था तुमने? कुछ नहीं। मैंने सोचा कि पैसे वाले से तो सभी प्यार करते हैं। इस गरीब का भला ही कर दूं। दरअसल उनकी यह कहानी बहुत पुरानी है। कपिल जालंधर के एक कॉलेज में प्ले डायरेक्ट करने गए थे। जहां गिन्नी उनकी स्टूडेंट थी। गिन्नी अमीर खानदान से थी और कपिल उस वक्त एक गरीब स्ट्रगलर। गिन्नी कपिल के लिए घर से खाना बनाकर लाती जब कपिल को पता चला कि गिन्नी उन्हें पसंद करती हैं तो उन्होंने खुद को आईने [संगीत] में देखा और गिन्नी से कहा हमारा कोई फ्यूचर नहीं है। तुम्हारी कार की कीमत मेरे पूरे परिवार की जायदाद से ज्यादा है। तो हम लोग रोज रिहर्सल करने के लिए जाते थे तो वो सैंडविच लेके आती थी सिर्फ मेरे लिए। तो मेरा दोस्त कहता है ये ना लड