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क्यों ट्रोल हो रहीं असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सेहरावत ?

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बदन पर आरएफ की वर्दी, सावधान की मुद्रा और चेहरे पर धीर गंभीर भाव। यह तस्वीर है आरएफ असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सेहरावत की। 20 जुलाई को दिल्ली के जंतरमंतर से लेकर संसद मार्ग तक सीजेपी प्रदर्शनकारियों के साथ जो कुछ हुआ, सुरक्षा बलों ने जिस तरह से उन्हें खदेड़ा, लाठी चार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे। इन सब के बाद हर वह शख्स सुर्खियों में आया जो इन सुरक्षा बलों का नेतृत्व कर रहा था। सोनिया सहरावत भी उन्हीं अफसरों में से एक हैं। कौन है यह? सोशल मीडिया पर सोनिया सहरावत के नाम से एक आईडी है। इससे पता चलता है कि सोनिया हरियाणा के बहादुरगढ़ से आती हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ी हैं और 2023 से ही सीआरपीएफ में पोस्टेड हैं। 20 जुलाई को पूरे दिन ही सोनिया की मौजूदगी प्रोटेस्ट में देखी गई। देर शाम वह तस्वीर भी आई जिसमें सोनिया के हाथों में पट्टी बंधी दिखी। सोशल मीडिया का एक धड़ा उनके घायल होने के बावजूद ड्यूटी पर डटे रहने को मिसाल बता रहा है। उनकी कर्तव्य निष्ठा का बखान कर रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ वो धड़ा भी है जो उनके बयानों को लेकर उन्हें ट्रोल कर रहा है। बयानों की चर्चा ने तब और रफ्तार पकड़ी जब उनकी सोशल मीडिया स्टोरी वायरल हुई। दरअसल 21 जुलाई को सोनिया शेहरावत ने अपने Instagram पर एक स्टोरी पोस्ट की। यह एक कॉकरोच की वीडियो थी जो जमीन पर उल्टा पड़ा था और सीधा होने की कोशिश कर रहा था।

वीडियो पर लिखा जो खुद को नहीं सुधार सकते वो देश सुधारने निकले हैं। यूज़र्स ने इसका सीधा सा कनेक्शन सीजेपी के प्रोटेस्ट से बनाया और इसके बाद शुरू हुई सोनिया की ट्रोलिंग। टीएमसी सांसद महुआ मोहित्रा ने एक्स पर लिखा कि आरएफ की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत के Instagram प्रोफाइल पर हमारे छात्र प्रदर्शनकारियों को कॉकरोच कहा गया है। अब पता लगाइए कि वह कौन है, कहां रहती हैं और उनका रिकॉर्ड क्या है? आइए इन सभी कट्टरपंथी लोगों की पहचान सार्वजनिक करें और कानून के दायरे में उन्हें जवाबदे ठहराएं। इसके बाद से सोशल मीडिया यूज़र्स ने शुरू की सोनिया की स्क्रूटनी। उनके सोशल मीडिया हैंडल्स खंगाले गए, पुराने पोस्ट तलाशे गए और कंटेंट को लेकर ट्रोल किया गया।

हमने भी जब इनकी Instagram और Facebook प्रोफाइल तलाशी तो पाया कि वर्दी में एक धीर गंभीर दिखने वाली सोनिया की सोशल मीडिया प्रेजेंस बिल्कुल उलट है। उनके Instagram पोस्ट पर000 से भी ज्यादा पोस्ट हैं और वीडियो के शूट किए जाने तक सोनिया के Instagram पर 6,18,000 से भी ज्यादा फॉलोवर्स हो गए। Facebook पर यह फॉलोवर्स की संख्या 1,71,000 के पार दिखी। फीड चेक वाले वीडियोस, स्ट्रीट वॉकिंग रील्स और ट्रैवलिंग शॉट्स इनके नाम से एक YouTube पेज भी है जहां ऐसी ही रील्स पोस्ट होती है। यह अकाउंट सोनिया खुद चला रही हैं या नहीं? खबरगांव स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं करता। खैर, सोनिया खबरों में कैसे आई आपको मालूम होगा ही। नहीं है तो हम बता देते हैं। 20 जुलाई की देर शाम सोनिया ने प्रेस से बात की। द रेड माइक के रिपोर्टर सौरव शुक्ला ने जब सोनिया सहरावत से पूछा कि

आपके हाथ में चोट कैसे लगी? क्या किसी ने पत्थर मारा? या फिर यह चोट कैसे आई? इस पर सोनिया का जवाब आता है, यह तो मेडिकल के बाद ही पता चलेगा कि चोट कैसे लगी है। द रेड माइक को दिए बयान में सोनिया बार-बार यही कहती रही कि प्रोपोगेंडा के तहत हम पर हमला किया गया। हम पर जूते फेंके गए, पत्थर फेंके गए। हमारे साथ धक्कामुक्की हुई। मेरे साथ मॉब लिंचिंग भी हो सकती थी लेकिन मेरे जवानों ने मुझे बचा लिया। दिल अलन टॉप को दिए एक इंटरव्यू में जब रिपोर्टर सिद्धार्थ मोहन ने सोनिया से सवाल पूछा कि जब आरएफ के जवान प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भाज रहे थे तब उनकी वर्दी से उनके नेमप्लेट क्यों गायब थे? इस सवाल का जवाब सोनिया ने जो दिया वो कई लोगों को पचा नहीं। सोनिया ने कहा कि वह एक्शन के दौरान बदन पर प्रोटेक्टिव गियर पहनते हैं। ऐसे में गुंजाइश होती है कि उनके नेमप्लेट गिर सकते हैं। उनके नेमप्लेट जमीन पर गिरे और किसी के पैरों के नीचे आए। यह हमारी डिग्निटी के खिलाफ है। इसलिए हम ऐसे वक्त में अपने नेम टैग निकालकर जेब में रख लेते हैं। लेकिन जब सिद्धार्थ मोहन ने उन्हें बताया कि

जिनकी वर्दी से नेम टैग गायब थे उन्होंने कोई प्रोटेक्टिव गियर नहीं पहन रखी थी। तब सोनिया ने अपना बयान बदला और कहा कि गर्मी की वजह से उन्होंने प्रोटेक्टिव गियर उतारा होगा। वरना नेम टैग हटाने का तो कोई भी कारण नहीं है। हमारी आइडेंटिटी सीआरपीएफ है और कोई आइडेंटिटी नहीं। पीक टीवी के रिपोर्टर वेदांत ने सोनिया से पूछा कि सुरक्षा बलों की तरफ से प्रदर्शनकारियों पर लाठियां क्यों बरसाई गई और क्यों उन पर आंसू गैस के गोले दागे गए? इसके जवाब में सोनिया ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हमने कोई ब्रूटिटी नहीं की। जब उन्हें बताया गया कि वीडियो है तो सोनिया ने कह दिया कि ड्यूटी के दौरान यह सब हुआ। भगदड़ की वजह से भी यह सब हुआ। अनियंत्रित भीड़ को काबू करने के लिए करना पड़ता है। रिपोर्टर वेदांत ने जब सोनिया से पूछा कि सुरक्षा बलों पर आरोप है कि प्रदर्शनकारी तो शांति से मार्च निकाल रहे थे। इसके बावजूद भी उन पर लाठी चार्ज किया गया। ऐसा क्यों हुआ? इस पर सोनिया का जवाब आया नो पॉलिटिकल क्वेश्चंस प्लीज। इस बीच यह सवाल भी उठाया गया कि क्या सीआरपीएफ सर्विस रूल्स के तहत वैसे सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाए जा सकते हैं जैसे सोनिया सहरावत के नाम से चल रहे हैं। खैर लोग सोशल मीडिया पर अपनी राय शेयर कर रहे हैं। आप इस पूरे मामले पर क्या कुछ सोचते हैं? कमेंट बॉक्स में हमें लिख भेजिए। मेरा नाम शुभम है। कैमरे के पीछे मेरे साथ ही तौफीक हैं। आप देखते रहिए खबरगांव।

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