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मुसलमानों को…ये क्या बोल गई ट्रंप की करीबी लोरा?मचा हड़कंप!

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मुसलमानों को सरकारी पदों पर बैन करो। किसकी मांग पर यह पॉलिटिकल बवंडर उठ खड़ा हुआ है? अमेरिका जहां एक बड़ा बवाल हुआ है। सरकारी पदों से मुसलमानों को बैन करने की मांग यहां उठने लगी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेहद करीबी मानी जाने वाली नेता लोरा लुमर ने अपने पोस्ट से एक पॉलिटिकल बवाल मचा दिया।

उन्होंने न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी को जवाब दिया और उन्हें देश की सुरक्षा के लिए खतरा तक कह दिया है। लोरा लुमर ने कहा कि देश में उनके जैसे नेताओं की वजह से असुरक्षा का माहौल बनता है। यह सारा बवाल ममदानी के ही एक बयान की वजह से खड़ा हुआ है जिसमें वो इजराइली प्रधानमंत्री बेंजमिन नेहू के बारे में उल्टा सीधा बोल रहे थे।

हालांकि पॉलिटिकल रैलीज़ में वह इस तरह के बयान देते रहे हैं। जोहरान ममदानी के बयान के बाद लोरा लमर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट शेयर किए।

उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे अपील कर दी है। लमर ने कहा कि अमेरिका को तब तक सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता जब तक कि मुस्लिम बैन को पूरी तरह से अमेरिका में लागू ना कर दिया जाए। लूमर ने लिखा कि इस [संगीत] बार यह बैन सिर्फ कुछ देशों के लोगों के आने जाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। बल्कि इसे पूरी तरह से एक मुस्लिम बैन की तरह लागू करना चाहिए। लूमर ने कहा कि अमेरिका में मुसलमानों के चुनाव लड़ने या सरकारी पदों पर बैठने पर भी पूरी तरह से रोक लगा देनी चाहिए। लूमर का यहां तक दावा है अगर मुसलमानों को अमेरिकी राजनीति में आने दिया जाएगा तो ममदानी जैसे लोग यह सामने आ जाएंगे जो ईरान, हमास और ऐसे कट्टरपंथी समूहों के समर्थन में खड़े दिखाई देते हैं।

हमेशा यह कहकर उन्होंने जोरान ममदानी पर निशाना साधा। दरअसल लोरा लुमर ने जोहरान ममदानी पर बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि ममदानी के तार हमास और यहां तक कि ईरान से जुड़े हो सकते हैं। इसीलिए वो न्यूयॉर्क जैसे बड़े और अहम शहर को चलाने के लायक बिल्कुल नहीं है। इसी वजह से बैन की मांग उन्होंने उठाई है। लुमर ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि ममदानी को कभी एफबीआई से सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं मिल सकता है।

उन्होंने एफबीआई सूत्रों के हवाले से भी यह दावा किया कि एफबीआई के आला अधिकारियों को यह शक है कि जोरान ममदानी सीधे तौर पर इस्लामिक चरमपंथी संगठनों के संपर्क में हो सकते हैं। लूमर के मुताबिक इसी वजह से एफबीआई ने उन्हें सुरक्षा क्लीयरेंस देने से मना कर दिया और आगे भी कभी एफबीआई से ममदानी को क्लीयरेंस नहीं मिलेगा। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब न्यूयॉर्क के मेयर जोरान ममदानी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन ने नितन्याहू पर जमकर निशाना साधा था। ममदानी ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत यानी कि आईसीसी से नित्या को गिरफ्तार करने की अपील की थी। पूरा मामला गमाया। विवाद काफी बढ़ा। ममदानी ने अपने वीडियो में नित्या को युद्ध अपराधी कहते हुए साफ किया था कि न्यूयॉर्क शहर में उनका कोई स्वागत नहीं है।

उन्होंने अमेरिकी सरकार से मांग की कि ICC के वारंट को माना जाए और नितनाहू को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। यह ममदानी अमेरिका में मांग कर रहे थे। ममदानी ने गजा में इजराइयली सेना के हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि बेंजमिन नितनाहू के युद्ध अपराधी हैं और वह फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ हुए भयानक नरसंहार के जिम्मेदार हैं। नितन्याहू हजारों बच्चों को अपंग दिव्यांग बनाने के लिए जिम्मेदार हैं। जिन्हें बिना एनस्थीसिया के अपने हाथ पैर गवाने पड़े। उन्होंने अस्पतालों और यहां तक कि प्रसूति केंद्रों को टारगेट किया इजराइली सेना के इशारे पर ताकि नवजात बच्चों को भी जीने का मौका ना मिल सके।

तमाम मुद्दा मुंदानी की तरफ से कहा गया था। वहीं लोरा लूमर के तीखे बयान के बाद अमेरिका में पॉलिटिकल तूफान आ गया। एक तरफ जहां ट्रंप के समर्थक लोरा लूमर के इस कड़े रुख को देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मानव अधिकार संगठन और मुस्लिम ग्रुप्स ने लूमर के बयान को असंवैधानिक और नफरत फैलाने वाला करार दिया है।

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