Cli

सोनम वांगचुक से लेकर केन-बेतवा तक: विरोध कुचलने का नया ‘सरकारी मॉडल’?

Uncategorized

आदिवासी महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को लेकर नदी पार कर रही थी। उस बीच उनको हांका गया है। मैं मोदी सरकार और मोहन सरकार से सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कृपया कानून का पालन कीजिए। बनना। यह जनता जिस दिन जाग गई उस दिन आप और आपकी सरकार कहीं की नहीं रहेगी। लल्लन टॉप इस समय छतरपुर में है। 19 जुलाई को जिस तरह केन बेतवा प्रोटेस्ट को हटा दिया गया या फिर प्रदर्शनकारियों की भाषा में कहें तो उखाड़ दिया गया। उसके बाद से एक सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या सभी प्रोटेस्ट को डील करने की यही मॉडस ऑपरेंडी बन गई है क्या सरकार की पुलिस की?

जिस तरह जंतरमंतर में प्रोटेस्ट के साथ हुआ वहां भी सोनम बांगचुक वाला पूरा प्रकरण आप जानते ही हैं और फिर उसके अगले ही दिन केन बेतवा प्रोटेस्ट में जो हुआ यह सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने जो आरोप लगाए हैं पुलिस पर वो गंभीर हैं। यह आरोप है कि तड़के एक बड़ी फ़ लेकर पुलिस वहां पर पहुंची प्रोटेस्ट साइट पर। जो लोग वहां थे उनकी घेराबंदी कर ली गई। अमित भटनागर को जो प्रोटेस्ट लीड कर रहे थे जय किसान संगठन से जुड़े हैं उनको ले जाने की कोशिश थी। उनको हिरासत में लिया गया। कई लोग वहां पानी में उतर गए थे। उनको भी पुलिस धरप पकड़ करके वहां से ले गई। बसों में भरकर सारे प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग गांवों में छोड़ दिया गया। यह प्रदर्शनकारियों के केन वितवा प्रोटेस्ट में आरोप हैं। आरोप ये कहां से पैदा हुए हैं? विस्तार में क्या आरोप हैं? जानने के लिए सुनिए दिव्या अहिरवार को जो बिजावर के एक वार्ड से पार्षद हैं। मेरा नाम दिव्या अहरवार है। कैनबी लिंग परियोजना में जो चेता आंदोलन चल रहा था।

आज हमारे चेताव आंदोलन का 17वां दिन है। अमित भटनागर जी के आमरण अनशन का 14वां दिन था। प्रशासन द्वारा पुलिस प्रशासन द्वारा अवैधानिक तरीके से गैरकानूनी तरीके से आंदोलनकारियों को आंदोलन स्तर से जबरन हटाया गया है और आदिवासी महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को लेकर नदी पार कर रही थी। उस बीच उनको हांका गया है और महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई है। कई सारी महिलाओं को चोटें आई हैं। कई सारे बच्चों को चोटें आई हैं और इसके साथ-साथ मैं उस समय पास के गांव में कुछ जरूरी सामान लेने के लिए गई लेकिन जैसे ही मैं आकर देखती हूं वहां पर हमारा सामान फैला हुआ दिखता है। हमारी जो आंदोलन की जो चिताएं थी जो सूली की सामग्री थी वो इधर-उधर फैली हुई है। कुछ कुछ सामान हमारा नदी में बह गया है। ये आपने सुने दिव्या के वो आरोप जो वो पुलिस पर लगा रही हैं। इस बीच एक बड़ा सवाल यह भी है कि अमित भटनागर को पुलिस कहां ले गई है? उन्हें हिरासत में लिया गया है। मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा है। क्या स्थिति है? यह भी दिव्या से जानिए। और अमित भटनागर जी को पुलिस ने अह अवैधानिक तरीके से गिरफ्तार करके हॉस्पिटल में भर्ती किया है।

अमित भटनागा जी का कहना है यदि प्रशासन द्वारा हॉस्पिटल में उनसे जबरन आमरण अनशन तोड़ने का प्रयास किया जाता है तो वह अह पानी तक नहीं पानी तक पीना बंद कर देंगे और अपनी सांस रोक कर अपनी जान दे देंगे और इसके साथ-साथ जो कैनबी लिंग परियोजनाएं भ्रष्टाचार हुआ है इसकी पोल खुलने से पहले ही प्रशासन ने हमारे आंदोलन को कुचलने का जो जो साह जो प्रयास किया है वह बहुत ही शर्मनाक और निंदनीय कृत है। और मैं मोदी सरकार और मोहन सरकार से सिर्फ इतना कहना चाहती हूं यदि आप सरकार में है तो कृपया कानून का पालन कीजिए। वरना यह जनता जिस दिन जाग गई उस दिन आप और आपकी सरकार कहीं की नहीं रहेगी। तो यह वो आरोप हैं जो गेन बेतवा प्रोटेस्ट में अब लग रहे हैं कि पुलिस ने बल प्रयोग करा। जबरन वहां से प्रदर्शनकारियों को हटाया गया है। और अमित भटनागर अब कहां है? यह भी लगातार बाकी प्रदर्शनकारी पुलिस से पूछ रहे हैं। फिलहाल स्थिति यह है लल्लन टॉप अभी छतरपुर में है। मैं अभिषेक मेरे साथ है हेमराज। देखते रहिए लल्लन टॉप। [संगीत]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *