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PM मोदी के नाम केतन की मां की चिट्ठी, बयान किया अपना दर्द…आप भी रो पड़ेंगे।

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पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के सदमे से उनका परिवार उभर नहीं पा रहा। उनके माता-पिता लगातार अपने बेटे के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। अपने इकलौते सहारे को खोने से मां का रो-रो कर बुरा हाल है। अब केतन के परिवार को पीएम मोदी से उम्मीद है।

अब केतन की मां राखी अग्रवाल ने पीएम मोदी को एक भावुक पत्र लिखकर अपने जवान बेटे की मौत के लिए इंसाफ की गुहार लगाई है। पीएम मोदी को लिखे गए इस लेटर में केतन की मां ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे अपने ही बेटे के लिए न्याय मांगते हुए आपको लिखना पड़ेगा। हर मां की तरह मैंने भी सपना देखा था कि केतन एक सुंदर जिंदगी बनाएगा, शादी करेगा और हमारे साथ बुढ़ापा बिताएगा। इसके बजाय मुझे अपने बच्चे का अंतिम संस्कार करना पड़ा। एक मां के लिए इससे बड़ा दर्द और कोई नहीं हो सकता।

साथ ही केतन की मां ने लिखा, “मेरे बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उसके साथ ही मेरी पूरी दुनिया चली गई। हमारे घर का हर कोना मुझे उसकी याद दिलाता है। उसका कमरा, उसके कपड़े, उसकी तस्वीरें और उसकी हंसी की जगह ले चुकी खामोशी मुझे हर दिन याद दिलाती है कि वह कभी वापस नहीं आएगा।” आगे उन्होंने कहा कि किस तरह से उनके परिवार को एक और सदमा तब लगा जब सिर्फ 20 दिन बाद केतन के दादा देवीच अग्रवाल का भी निधन हो गया। उन्होंने कहा कि वह केतन से बहुत प्यार करते थे और अपने पोते को खोने का गम बर्दाश्त नहीं कर पाए। कुछ ही दिनों में हमारे परिवार ने दो पीढ़ियां खो दी और साथ ही केतन की मां ने पत्र में आखिरी लाइन लिखी कि रात में उसकी तस्वीर को देखती हूं और कहती हूं बेटा मां अभी भी तेरे लिए लड़ रही है।

मैं बस यही प्रार्थना करती हूं कि एक दिन मैं उससे कह सकूं बेटा तुझे इंसाफ मिल गया। मुझे पूरी उम्मीद है कि आप एक दुखी मां की आवाज सुनेंगे। अब आप इन शब्दों से समझ सकते हैं कि केतन अग्रवाल की मां पर इस समय क्या बीत रही है। बता दें कि केतन अग्रवाल की मौत को एक महीना होने वाला है। 18 जून को मंगेतर सिंह ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी संग मिलकर कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ किले पर ले जाकर 400 फीट गहरे गड्ढे में धक्का दे दिया था।

सिया और केतन की शादी होने वाली थी। दोनों की फरवरी में सगाई हो चुकी थी। लेकिन वह इस शादी के लिए तैयार नहीं थी। उसने अपने परिवार को शादी से ना कहने की जगह केतन को मारना बेहतर समझा। अपने जन्मदिन से एक दिन पहले केतन को लेकर सिया लोहागढ़ किले पर पहुंची थी और यहां दोनों ने इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल चेतन और सियार न्यायक हिरासत में यरवड़ा सेंट्रल जेल में बंद है। और के

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