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बस 3मिनट और फिर.…पाकिस्तानी प्लेन के साथ ये क्या हुआ?मचा हड़कंप!

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संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के शारजा से पाकिस्तान के कराची जा रहा एक मालवाहक बोइंग 737400 विमान मंगलवार रात रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। उड़ान के दौरान विमान का पाकिस्तान के हवाई यातायात नियंत्रण यानी कि एटीसी से संपर्क अचानक टूट गया।

जिसके बाद पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी यानी कि पीएए और अन्य एजेंसियों ने तत्काल बड़े स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। अब प्रारंभिक जानकारी की मानें तो विमान में पांच चालक दल के सदस्य सवार थे। अधिकारियों के मुताबिक विमान के पायलट ने संपर्क टूटने से कुछ मिनट पहले नेविगेशन सिस्टम में तकनीकी खराबी की सूचना दी थी। जिसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को सुरक्षित दिशा निर्देश देने और संपर्क बनाए रखने की कोशिश की।

लेकिन कुछ ही मिनटों बाद विमान रेडार से गायब हो गया। अब उड़ान से जुड़ी शुरुआती आंकड़ों और फ्लाइट ट्रैकिंग डाटा से आशंका जताई जा रही है कि विमान कराची के दक्षिण पश्चिम में अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है। पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार निजी एयरलाइंस के2 एयरवेज द्वारा संचालित यह मालवाहक विमान शारजा से कराची के लिए नियमित कार्गो उड़ान पर था। उड़ान सामान्य रूप से जारी थी। लेकिन पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद पायलट ने लगभग 9:18 पर यानी जो पाकिस्तानी मानक सम है उसके एयर ट्रैफिक कंट्रोल को संदेश भेजकर विमान के नेविगेशन सिस्टम में तकनीकी खराबी की जानकारी दी।

अब नेविगेशन सिस्टम किसी भी विमान की सुरक्षित उड़ान के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी प्रणाली की मदद से पायलट अपनी स्थिति, दिशा, ऊंचाई और गंतव्य तक पहुंचने के मार्गों की जानकारी प्राप्त करते हैं।

ऐसे में सिस्टम में खराबी आने पर विमान को सुरक्षित रूप से संचालित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। एटीसी को जैसे ही तकनीकी खराबी की सूचना मिली, नियंत्रकों ने पायलट को वैकल्पिक दिशा निर्देश देने और रेडियो संपर्क बनाए रखने का प्रयास शुरू कर दिया। हालांकि स्थिति यहां तेजी से बिगड़ती चली गई। अब आपको बताते हैं आखिर 3 मिनट बाद रेडार से कहां गायब हुआ विमान। पाकिस्तानी एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने यह बताया है कि पायलट द्वारा खराबी की सूचना देने के लगभग 3 मिनट बाद रेडार स्क्रीन पर विमान की उड़ान के आसपास असामान्य बदलाव दिखाई देने लगे। अब विमान की ऊंचाई तेजी से घटने लगी और कुछ ही क्षणों बाद उसका रडार संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया।

अधिकारियों की मानें तो जब विमान से अंतिम संपर्क हुआ उस समय वह कराची से लगभग 155 समुद्री मील यानी करीब 287 कि.मी. पश्चिम में मौजूद था। यह क्षेत्र अरब सागर के ऊपर पड़ता है। जहां समुद्री खोज अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण माना जाता है। अब संपर्क टूटते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने आपातकालीन प्रक्रियाएं लागू कर दी और संबंधित एजेंसियों को सूचना देकर तत्काल खोज अभियान को शुरू भी करवा दिया गया। अभिमान के लापता होने की पुष्टि के बाद पाकिस्तानी एयरपोर्ट अथॉरिटी ने समुद्री क्षेत्रों में व्यापक खोज एवं बचाव अभियान शुरू करने की घोषणा तो कर दी है। इस अभियान में विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा बलों और संबंधित आपातकालीन सेवाओं को भी शामिल किया गया है।

अब यहां अधिकारियों का कहना है कि विमान के अंतिम ज्ञात स्थान के आधार पर संभावित दुर्घटना स्थल की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। समुद्र में विमान का मलबा, लाइफ राफ्ट या अन्य अवशेष तलाशने के लिए समन्वित अभियान भी चलाए जा रहे हैं। क्योंकि विमान समुद्र के ऊपर लापता हुआ इसलिए खोज अभियान, मौसम, समुद्री धाराओं और दृश्यता जैसी परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ब्लैक बॉक्स और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर मिल जाते हैं तो दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में काफी मदद मिल सकती है। अब फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा फ्लाइट रेडार 24 ने भी इस घटना को लेकर शुरुआती उड़ान डाटा साझा की।

सेवा के अनुसार उपलब्ध आंकड़ों से संकेत मिलता है कि विमान ने अंतिम क्षणों में सामान्य उड़ान व्यवहार नहीं दिखाया। डाटा के अनुसार विमान ने पहले धीरे-धीरे ऊंचाई खोनी शुरू की। जिसके बाद उसने कुछ समय के लिए फिर से ऊंचाई हासिल करने की भी कोशिश की। लेकिन उसके तुरंत बाद वह अचानक अत्यधिक तेज गति से नीचे गिरने लगा। अब यही कारण है कि विशेषज्ञ प्रारंभिक तौर पर समुद्र में दुर्घटना की आशंका जता रहे हैं। इस वेबसाइट यानी फ्लाइट रेडार 24 फ्लाइट रेडार 24 का कहना है कि अंतिम उपलब्ध ट्रैकिंग डाटा से यही संकेत मिलता है कि विमान कराची के दक्षिण पश्चिम में समुद्र के ऊपर किसी गंभीर तकनीकी या नियंत्रण संबंधी समस्या का सामना कर रहा था। अब स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विमान बलूचिस्तान प्रांत के ओरमारा क्षेत्र के निकट अरब सागर के ऊपर उड़ रहा था। जब उससे संपर्क टूट गया। आंकड़ों में सबसे चिंताजनक तथ्य विमान की अंतिम ऊंचाई और गिरावट की गति रही है। क्योंकि उपलब्ध डाटा की मानें तो विमान का आखिरी रिकॉर्ड समुद्री तल से लगभग 1100 फीट की ऊंचाई पर दर्ज हुआ है। इसके साथ ही विमान की उर्दवादर गिरावट यानी जिस तरीके से वो नीचे गिर रहा था वो – 22400 फीट प्रति मिनट नजर आई है। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार यह सामान्य परिस्थितियों की तुलना में अत्यंत असामान्य और बेहद खतरनाक स्थिति मानी जाती है। इतनी ते गिरावट आमतौर पर गंभीर तकनीकी खराबी,

नियंत्रण खोने या किसी अन्य आपात स्थिति का संकेत हो सकती है। हालांकि केवल फ्लाइट ट्रैकिंग डाटा के आधार पर दुर्घटना के कारणों की पुष्टि नहीं की जा सकती। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद और ब्लैक बॉक्स के विश्लेषण के बाद ही सामने आ पाएगा। लापता विमान Being 737400 मॉडल का था जिसे मूल रूप से यात्री विमान के रूप में तैयार किया गया था। बाद में इसे मालवाहक विमान में परिवर्तित कर दिया गया। अब जानकारी की माने तो यह विमान करीब 27 वर्ष पुराना था। फ्लाइट रिडार 24 के रिकॉर्ड बताते हैं कि इसे सबसे पहले वर्ष 1999 में रूस की राष्ट्रीय एयरलाइन एरोफ के बेड़े में यात्री विमान के रूप में शामिल किया गया। करीब 13 वर्षों तक यात्री सेवा देने के बाद वर्ष 2012 में इस विमान को कारगो संचालन के लिए संशोधित कर दिया गया।

आवश्यक तकनीकी बदलावों के बाद इसे मालवाहक विमान के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा। यह विमान निजी पाकिस्तानी कार्गो एयरलाइन K2 एयरवेज के बेड़े का एकमात्र विमान बताया जा रहा है। एयरलाइन ने इसे वर्ष 204 में अपने परिचालन में शामिल किया था और तब से इसका उपयोग माल ढुलाई के लिए किया जा रहा है। एयरलाइंस के सीमित बेड़े को देखते हुए इस घटना को उसके लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है। फिलहाल कंपनी की ओर से चालक दल के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा गया है कि वह संबंधित सरकारी एजेंसियों के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रही हैं। विमान में पांच चालक दल के सदस्य सवार थे। अब इस वीडियो में आपको हम बता देते हैं कि इनके सुरक्षित होने की अभी तक कोई भी पुष्टि नहीं हुई है।

खोज अभियान जारी है और अधिकारी लगातार समुद्र में संभावित सुराग तलाश रहे हैं। परिजनों को घटना की जानकारी भी दे दी गई है और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही कोई ठोस जानकारी उन्हें मिलती है उन्हें सार्वजनिक कर दिया जाएगा। विमान के लापता होने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी? इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। शुरुआती संकेत नेविगेशन सिस्टम में खराबी की ओर इशारा कर रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।

विमानन दुर्घटनाओं की जांच में फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर, कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर, रेडार रिकॉर्ड, मौसम संबंधी जानकारी, एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुई बातचीत और विमान के रखरखाव का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जाता है।

और इन सभी पहलों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य कारण से हुआ। फिलहाल पाकिस्तान की सभी संबंधित एजेंसियां लापता विमान का पता लगाने और चालक दल के सदस्यों की खोज में जुटी हुई हैं।

पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय विमान जगत की नजर भी बनी हुई है क्योंकि किसी भी विमान का इस तरह अचानक संपर्क टूटना बेहद गंभीर और दुर्लभ घटनाओं में से एक माना जाता है।

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