का बंगला न का जंगला राजेश खन्ना को मुंबई के काटर रोड स्थित अपने बंगले आशीर्वाद से बहुत लगाव था देश नामा स्टोरी में बताने जा रहा है कि सलमान खान ने राजेश खन्ना के जीवित रहते कैसे इस बंगले को पैसे के दम पर खरीदने की कोशिश की थी और कैसे राजेश खन्ना यह सुनकर गुस्से में आप इस से बाहर हो गए थे सलमान की पेशकश और राजेश खन्ना के उन्हें दो टू के इनकार की कहानी से पहले आइए आशीर्वाद बंगले के इतिहास के बारे में थोड़ा जान लें 50 के दशक के शुरू में दो मंजिला सी फेसिंग वाला यह बंगला बीते जमाने के मशहूर एक्टर भारत भूषण ने एक एंग्लो इंडियन परिवार से खरीदा था बंगला खरीदते ही कई हिट फिल्में देने वाले भारत भूषण का करियर 50 का दशक खत्म होते-होते ढलान पर आ गया
इस बंगले के बारे में कहा जाने लगा कि यह शापित या हंटेड है 1960 के दशक के शुरू में उभरते अभिनेता राजेंद्र कुमार को इस बंगले के बारे में पता चला राजेंद्र कुमार ने तब इसे महज ₹ हज में खरीद लिया उन्होंने बंगले का नाम अपनी बेटी डिंपल के नाम पर रखा बंगला खरीदने के बाद राजेंद्र कुमार ने जुबली हिट फिल्मों की इतनी लाइन लगा दी कि उन्हें जुबली कुमार के नाम से ही जाना जाने लगा 1968 69 के आसपास राजेंद्र कुमार की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लड़ खड़ाने लगी तब तक राजेंद्र कुमार डिंपल नाम से ही मुंबई के पाली हिल इलाके में एक और बंगला बना चुके थे।
वो अब कार्टर रोड वाले बंगले को बेचना चाहते थे उस वक्त उभरते एक्टर राजेश खन्ना जो पहले से ही अमीर परिवार से ताल्लुक रखते थे उन्होंने 603 वर्ग मीटर जमीन वाला यह बंगला 55 लाख में 1969 में खरीद लिया राजेंद्र कुमार ने इस शर्त पर बंगला बेचा कि इसका नाम डिंपल से बदलकर कुछ और रखना होगा राजेश खन्ना ने बंगले का नया नाम आशीर्वाद रखा।
लेकिन संयोग देखिए कि 4 साल बाद 1973 में राजेश खन्ना की डिंपल नाम की लड़की से ही शादी हुई राजेंद्र कुमार ने अपनी बायोग्राफी में लिखा कि उनकी पत्नी नहीं चाहती थी कि लकी बंगला राजेंद्र कुमार बेचे बंगला खरीदते ही राजेश खन्ना का करियर आराधना और दो रास्ते जैसी सुपरहिट फिल्मों से सातवें आसमान पर पहुंच गया 1969 और 1971 के बीच राजेश खन्ना ने लगातार 15 हिट फिल्में दी लेकिन राजेश खन्ना इस सुपर स्टार डम को ज्यादा साल तक बचाकर नहीं रख पाए एंग्री यंग मैन के तौर पर अमिताभ बच्चन के उदय ने राजेश खन्ना के कामयाबी के सूरज को अस्त कर दिया
राजेश खन्ना ने राजनीति में भी कदम रखा नई दिल्ली से सांसद भी बने लेकिन यह पारी भी उनकी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी 20वीं सदी के आखिर तक राजेश खन्ना आर्थिक किल्लत देखने लगे मशहूर फिल्म राइटर डायरेक्टर रूमी जाफरी ने उसी टाइम को याद करते हुए कहा कि 1999 2000 और 2001 की बात है राजेश खन्ना पैसे की किल्लत महसूस करने लगे थे उन्हें इनकम टैक्स का कोई करोड़ सवा करोड़ रुपए का नोटिस भी मिला था इसी बीच एक दिन सलमान खान ने रूमी जाफरी को फोन कर कहा कि रूमी भाई काका जी यानी राजेश खन्ना से मुझे एक जरूरी काम है।
आप उनके करीब हैं आप यह काम करा सकते हैं मेरा भाई सोहेल खान आपसे मिलकर आपको काम बता देगा रूमी के मुताबिक सोहेल फिर उनसे मिले और बोले हमने सुना है कि काका जी अपना बंगला बेच रहे हैं वह हम लेना चाहते हैं काका जी जो भी कीमत बोलेंगे सब हमारी तरफ से डन है हमारी तरफ से कोई मोल भाव नहीं होगा जो भी करोड़ सवा करोड़ इनकम टैक्स का देना है वह भी हम ही दे देंगे तीसरा उनकी जो प्रोडक्शन कंपनी है आशीर्वाद फिल्म्स सलमान भाई उनकी कंपनी के लिए बतौर हीरो एक फिल्म में काम भी करेंगे तो आप उनसे एक बार बात करके देखिए रूमी जाफ सोहेल की यह बात सुनकर तब चौके क्योंकि राजेश खन्ना ने कभी भी बंगला बेचने जैसी कोई बात नहीं की थी।
लेकिन राजेश खन्ना तक उन्होंने सलमान खान की पेशकश पहुंचा दी रूमी जाफरी के मुताबिक उन्हें इल्म भी नहीं था कि राजेश खन्ना यह बात सुनकर जाएंगे राजेश खन्ना उनसे बोले तू मेरा बंगला बिकवा चाहता है तुझे पता है कि किसी भी दौलत मंद के पास इतनी दौलत नहीं है जो राजेश खन्ना के आशीर्वाद की कीमत चुका सके रूमी ने इस पर राजेश खन्ना से माफी मांगी और कहा कि इसे दिल पर मत लीजिए इसमें मेरा कोई इंटरेस्ट नहीं है मैं तो बस एक पोस्टमैन की तरह था जिसने सलमान की बात आप तक पहुंचा दी रूमी के मुताबिक करीब सात आ साल के बाद एक दिन सोहेल ने उनसे कहा कि रूमी भाई आपको पता है कि कल क्या हुआ इस पर रूमी ने हैरानी से पूछा कि क्या हुआ तो इस पर सोहेल बोले कि मैं एक रेस्टोरेंट से खाना खाकर निकल रहा था कि मैंने देखा कि काका जी अपनी कार में बैठ रहे हैं मैं जल्दी से उनके पास गया और उन्होंने सलाम करके कहा कि आदाब काका जी मेरा नाम सोहेल खान है मैं राइटर सलीम खान का बेटा और सलमान खान का छोटा भाई हूं इस पर राजेश खन्ना ने सोहेल को देखा और अचानक से उनके माथे पर बल आ गया और वो बोले तुम्ही ने भेजा था रूमी जाफरी को मेरे पास मेरा बंगला खरीदने के लिए लेकिन वक्त का फेर देखिए राजेश खन्ना जिस आशीर्वाद बंगले को इतना चाहते थे उनके 18 जुलाई 2012 को निधन के बाद इसे परिवार वालों ने बेचने में देर नहीं लगाई।
2014 में अरबपति शशि किरण शेट्टी ने 90 करोड़ रप में इसे खरीद लिया शेट्टी ने 2016 में आशीर्वाद को जमीन दोज कर वहां अपने रहने के लिए पांच मंजिला बिल्डिंग बनाने के प्लान को अंजाम देना शुरू किया राजेश खन्ना मरने के बाद आशीर्वाद को अपने म्यूजियम के तौर पर देखना चाहते थे वह सपना उनके हमेशा के लिए आंखें मूंदने के साथ ही खत्म हो गया बंगला न का जंगला एक बंगला बने