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25 की उम्र में ₹50,000 करोड़ का मालिक, मस्क के साथ डील भारतीय मूल के अमन सेंगर कौन ?

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25 की उम्र में ₹50,000 करोड़का मालिक, मस्क के साथ डील.भारतीय मूल के अमन सेंगर कौन ?21 साल में एमआईटी की पढ़ाई छोड़ी। 4 साल में बने 500 करोड़ के मालिक। एआई की दुनिया में एक भारतीय मूल के युवा उद्यमी का नाम तेजी से चर्चा में आया है। वजह है एलन मस्क की कंपनी spcex द्वारा एआई आधारित कोडिंग प्लेटफार्म कर्सर की पेरेंट कंपनी एनसfेयर का $ अरब डॉलर में अधिग्रह करने की घोषणा। इस डील के बाद कर्सर के भारतीय मूल के सह संस्थापक अमन सेंगर की अनुमानत नेटवर्क करीब ₹5.5 अरब डॉलर यानी लगभग $00 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

महज कुछ साल पहले तक अमन सेंगर एक कॉलेज छात्र थे। लेकिन आज वह दुनिया के सबसे सफल युवा टेक उद्यमियों में गिने जा रहे हैं। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि सही समय पर लिया गया जोखिम, तकनीक की समझ और बड़ा विज़न किस तरह किसी व्यक्ति की जिंदगी बदल सकता है। अमन सेंगर का जन्म अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हुआ। उनका परिवार भारतीय मूल का है और शिक्षा और वित्तीय जगत में काफी प्रतिष्ठित माना जाता है। उनके पिता अरविंद सेंगर भारत के प्रतिष्ठित आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने आगे चलकर अमेरिका के हेड फंड उद्योग में अपनी अलग पहचान बनाई और वित्तीय दुनिया के बड़े नामों में शामिल हो गए। उनकी मां शिल्पा सेंगर पेशे से एक ऑर्थोडॉन्टिस है।

यानी दांतों और जबड़ों की संरचना से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सक। इसके अलावा वह एक सफल उद्यमी भी हैं। उनकी पढ़ाई और करियर के बारे में बात करें तो अच्छी शिक्षा और पेशवर माहौल वाले परिवार में अमन पले बड़े और उनके बचपन से ही विज्ञान, गणित और तकनीक में रुचि रही। अमन ने 14 साल की उम्र में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखना शुरू कर दिया। शुरुआती दौर में विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं पर काम किया। धीरे-धीरे सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में गहरी रुचि विकसित की। किशोरावस्था में ही अमन जटिल कंप्यूटर प्रोग्राम बनाने लगे थे और नई तकनीकों पर प्रयोग करने लगे थे। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही उन्हें दुनिया की बड़ी कंपनियों में काम करने का मौका मिल गया। अपना स्टार्टअप शुरू करने से पहले अमन सेंगर ने दुनिया की प्रतिष्ठित टेक कंपनी Google में इंटर्नशिप की। यहां उन्हें बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर सिस्टम और इंजीनियरिंग प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला। इसके अलावा उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े हेडफोनस में से एक ब्रिज वाटर एसोसिएट्स में भी इंटर्नशिप की। इन दोनों संस्थाओं में काम करने के अनुभव ने अमन को यह समझने में मदद की कि भविष्य में एआई तकनीक किस तरह उद्योगों को बदल सकती है और किस क्षेत्र में सबसे अधिक संभावनाएं मौजूद हैं।

अमन सेंगर ने अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शामिल मेच इंस्टट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के लिए प्रवेश किया। एमआईटी में उनकी मुलाकात तीन अन्य प्रतिभाशाली छात्रों से हुई। माइकल चल, साले आसिफ और आरविड ल्यूनेमार्क चारों छात्रों की सोच एक जैसी थी। वह मानते थे कि आने वाले सालों में एआई केवल चैटबॉट तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इंसानों के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा। इसी सोच ने उन्हें एक स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित किया। बता दें कि साल 2022 में इन चारों दोस्तों ने एक साहसिक फैसला लिया। उन्होंने एमआईटी की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने का निर्णय लिया ताकि अपने बिजनेस आईडिया पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें। उस समय उनकी उम्र केवल 21 साल थी। उन्होंने तय किया कि अगर वह पूरी ऊर्जा और समय अपने स्टार्टअप को देंगे तो कुछ बड़ा कर सकते हैं।

टीम ने एक ऐसे एआई टूल को विकसित करना शुरू किया जो केवल एक सवाल का जवाब देने तक सीमित नहीं बल्कि पूरे सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट को समझ सके। अब सवाल है कि कर्सर कैसे बना? इस तकनीक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह पूरे कोड बेस का विश्लेषण कर सके। डेवलपर द्वारा लिखे गए पुराने कोड को समझ सके। बग्स और त्रुटियों की पहचान कर सके। नया कोड लिख सके। कोड को बेहतर बनाने के सुझाव दे सके। बड़े सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स में बदलाव करने में मदद कर सके। इसी तकनीक को आगे चलकर कर्सर नाम दिया गया। आज कर्सर का इस्तेमाल दुनिया की करीब 500 बड़ी टेक कंपनियों के लाखों डेवलपर्स कर रहे हैं। इनमें शामिल है एनvीडिया, AOB, Uber, Shopifi और PayPal। इन कंपनियों के इंजीनियर कर्सर की मदद से तेजी से कोड लिख रहे हैं और जटिल सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं। 14 साल की उम्र में कोडिंग सीखने से लेकर एमआईटी जैसी विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी छोड़ने, दोस्तों के साथ स्टार्टअप शुरू करने और कुछ ही वर्षों में अरबों डॉलर की कंपनी खड़ी करने तक का सफर बताता है कि आज के एआई युग में एक मजबूत आईडिया तकनीकी क्षमता और सही समय पर लिया गया फैसला किसी युवा को दुनिया के शीर्ष उद्यमियों की श्रेणी में पहुंचा सकता है। निष्पक्ष मतलब न्यूज़ 24

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