दुनिया जिन्हें किंग खान कहती है, करोड़ों लोग उनके इशारों पर दीवाने हो जाते हैं। बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार में गिने जाते हैं शाहरुख खान। जब स्क्रीन पर आते हैं तो बड़े-बड़े विलेन कांपराते हैं। लेकिन मजेदार बात यह है कि असल जिंदगी में एक ऐसा इंसान है जिसके सामने कुछ शाहरुख खान भी बहुत ज्यादा बहस नहीं करते हैं। घबराहट रहते हैं और वो इंसान कोई और नहीं बल्कि उनकी पत्नी गौरी खान है। अब इसका मतलब यह नहीं कि शाहरुख खान सचमुच उनसे डरते हैं बल्कि खुद शाहरुख खान ने कई इंटरव्यूज में मजाकिया अंदाज में कहा है और स्वीकार किया है कि घर में आखिरी फैसला गोरी का ही चलता है। यही वजह है कि इतने सालों बाद भी दोनों की केमिस्ट्री लोगों को पसंद आती है। लेकिन आखिर कौन-कौन सी ऐसी बातें हैं जो शाहरुख खान को भी सोचने पर मजबूर कर देती हैं?
चलिए जानते हैं गौरी खान की वो पांच बातें हैं जिनके सामने किंग खान भी ज्यादा चालाकी नहीं करते हुए दिखते हैं। नंबर पांच पर गौरी खान का गुस्सा। अगर आपने शाहरुख खान के इंटरव्यूज को ध्यान से देखा है तो एक बात बार-बार सुनने को मिलती है। एसआर के अक्सर मजाक में कहते हैं कि गौरी बहुत शांत इंसान है। लेकिन जब उन्हें गुस्सा आता है तो बेहतर है कि कोई उनके रास्ते में ना आए। दिलचस्प बात यह है कि शाहरुख खान खुद बेहद बाततूनी है। उन्हें मज़ाक करना, लोगों से घुलना मिलना, लगातार बातें करते रहना, गौरी खान का स्वभाव इसके बिल्कुल उल्टा है। यह सब शाहरुख खान को पसंद है। वो ज्यादा बोलने के बजाय चीजों को ऑब्जर्व करती है। यही कारण है कि जब गौरी किसी बात से नाराज होती हैं, तो उनका चुप हो जाना ही काफी होता है। कई बार एसआरके ने इंटरव्यूज में कहा है कि गौरी का नाराज होना उन्हें तुरंत समझ में आ जाता है और फिर वह कोशिश करते हैं कि माहौल जल्दी ठीक हो जाए। अब सोचिए जिस इंसान ने अपने करियर में हजारों पत्रकारों के सवालों का सामना किया हो,
करोड़ों लोगों की उम्मीदों को दबाव बनाकर झेला हो, वो भी घर में पत्नी के मूड को लेकर सतर्क रहता है। यही शादी की असली खूबसूरती है। नंबर चार पर है गौरी खान का स्ट्रेट फॉरवर्ड होना। देखो बॉलीवुड में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो स्टार्स की तारीफ करते दिखाई देते हैं लेकिन गौरी उन लोगों में से नहीं है। वो सिर्फ इसलिए बातों को अच्छा नहीं कह देती क्योंकि सामने शाहरुख खान खड़े हैं। अगर उन्हें पसंद नहीं आता तो वो साफ बोल देती है। कई मौकों पर शाहरुख खान ने खुद बताया है कि गौरी उनकी फिल्मों को लेकर भी ईमानदार राय देती हैं। अगर फिल्म पसंद आई तो ठीक अगर नहीं आई तो वो सिर्फ इसलिए तारीफ नहीं करेंगे कि फिल्म में उनके पति हैं। यही वजह है कि एसआर के कई बार कहते हैं कि गोरी की राय उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है। कल्पना कीजिए एक तरफ करोड़ों फैंस दूसरी तरफ बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट लेकिन घर पहुंचने के बाद गौरी कह दे कि यह चीज बेहतर हो सकती थी तो शाहरुख खान उस राय को गंभीरता से लेते हैं। शायद यही वजह है कि उनका रिश्ता पति-पत्नी का नहीं बल्कि एक मजबूत पार्टनरशिप का भी है। तीसरे नंबर पर पैसों का फैसला अक्सर गौरी लेती हैं। प्रैक्टिकल दिमाग जिस चीज में चाहिए होता है वो अक्सर गौरी करती हैं। लोग अक्सर सोचते हैं कि शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार को किसी चीज की चिंता की जरूरत नहीं होती होगी। लेकिन हर सफल इंसान के पीछे कोई ना कोई ऐसा व्यक्ति होता है जो जमीन से जुड़े हुए फैसले लेने में मदद करता है। एसआरके और गौरी की जोड़ी में यह भूमिका गौरी निभाती हुई दिखाई देती है। शुरुआती दिनों में शाहरुख खान जब अपने करियर बनाने में लगे थे तब परिवार की बहुत सारी जिम्मेदारियां गौरी संभालती थी। समय के साथ उन्होंने खुद को सिर्फ स्टार की पत्नी तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने अपना करियर बनाया। इंटीरियर डिजाइनिंग में अपनी पहचान बनाई। बिजनेस खड़ा किया। आर्ट अपने नाम से एक सफल ब्रांड चला रही है। शाहरुख खान कई बार कह चुके हैं कि गौरी चीजों को बेहद व्यावहारिक नजरिए से देखती है।
जहां शाहरुख खान कभी-कभी भावनात्मक उलाते हैं वहां गौरी एक्सेस वास्तविकता पर फोकस करती है। शायद यही कारण है कि दोनों एक दूसरे को बैलेंस रखते हैं। नंबर दो घर में गौरी खान के नियम। ये बात सुनकर शायद कई लोग मुस्कुराएंगे। लेकिन शाहरुख खान खुद कई बार मजाक में कह चुके हैं कि घर में कुछ नियम ऐसे हैं जिन्हें तोड़ना आसान नहीं है। चाहे बात घर की सजावट की हो, फर्नीचर की हो या फिर किसी चीज को बदलने की हो। ये सब गौरी घान करती हैं। शाहरुख खान भी ज्यादा एक्सपेरिमेंट नहीं कर पाते और इसकी वजह साफ है। गौरी सिर्फ एक गृहिणी नहीं है। वो भारत के सबसे मशहूर इंटीरियर डिज़ाइनर में से एक है। उन्होंने कई बड़े सितारों के घर डिजाइन किए हैं। ऐसे में अगर वह किसी चीज को खास जगह पर रखना चाहती है तो शायद उनके पीछे कोई कारण होता होगा। एसआरके ने एक बार मजाक अंदाज में कहा था कि घर की डिजाइनिंग को लेकर गौरी से बहस करना मतलब खुद को तहसनहस करने जैसा हो जाता है और सच कहें तो इसमें कोई हैरानी भी नहीं है। जिस क्षेत्र के एक्सपर्ट गौरी खान है तो वो काम उन्हें कर देना चाहिए। वहां किंग खान को दखल नहीं देना चाहिए। और नंबर एक पर आते हैं परिवार के मामले। गौरी खान का सख्त रूप और शायद इस बात को शाहरुख भी सबसे ज्यादा सम्मान देते हैं। दुनिया शाहरुख खान के सुपरस्टार [संगीत] के रूप में देखती है लेकिन घर के अंदर सबसे महत्वपूर्ण चीज है परिवार और परिवार को एकजुट रखने के लिए गौरी खान की भूमिका हमेशा बेहद अहम रही है। चाहे बच्चों की परवरिश हो चाहे परिवार की प्राइवेसी या मुश्किल समय में सबको संभालना। गौरी हमेशा मजबूत स्तंभ की तरह खड़ी दिखाई दे रही है। खासतौर पर जब-जब परिवार में कठिन दौर देखा तब लोगों ने महसूस किया कि कैमरे से दूर रहने वाली ये महिला कितनी मजबूत है।
शाहरुख खान कई बार कह चुके हैं कि उनके परिवार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता कुछ और नहीं बल्कि गौरी खान है। यही वजह है कि जब परिवार से जुड़ा कोई भी फैसला होता है तो शाहरुख [संगीत] खान भी गौरी की राय को बेहद गंभीरता से लेते हैं। और शायद यही वजह है कि आज इतने सालों बाद भी शाहरुख खान और गौरी खान का रिश्ता बॉलीवुड की सबसे मजबूत शादियों में गिना जाता है। यह रिश्ता सिर्फ रोमांस पर नहीं टिका है, भरोसे पर टिका है, सम्मान पर टिका है और उस समझ पर टिका है जिसमें दोनों जानते हैं कब किसकी बात सुननी है।
दुनिया के लिए शाहरुख खान शाहरुख़ खान हो सकते हैं लेकिन घर के अंदर सब जानते हैं कि कुछ लड़ाईयां जीतने के लिए नहीं होती है। कुछ लड़ाईयों में मुस्कुराकर हार जाना ही समझदारी होती है। और शायद इसी वजह से जब लोग शाहरुख़ खान से उसकी सफलता का राज पूछते हैं, तो शाहरुख खान अक्सर गौरी का नाम लेते हैं। क्योंकि सुपरस्टार की जिंदगी में एक ऐसा इंसान होना जरूरी है जो उसे जमीन से जोड़े रखता है। शाहरुख खान की जिंदगी में वो इंसान गौरी [संगीत] खान है। और यही वजह है कि करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाला सुपरस्टार आज भी अपनी पत्नी से राय लेता है। उसे इंपॉर्टेंट समझता है। कभी-कभी असली ताकत कैमरे के सामने नहीं बल्कि कैमरे के पीछे खड़ी होती है। मैं तुम्हें नेक्स्ट वीडियो में मिलूंगी। तब तक तुम चैनल को सब्सक्राइब कर दो। वीडियो को लाइक और शेयर कर दो और प्लीज बेल आइकॉन दबाना मत भूलना।