भारत ने पूरी दुनिया को चौंकाने वाला ऐलान कर दिया है। सोचिए एक ऐसी शक्ति जो दुनिया के सिर्फ चार देशों के पास हो और वह चारों देश आसानी से इस शक्ति को किसी और को ना देना चाहे। लेकिन अगर भारत उसी शक्ति को अपने बल पर हासिल कर ले तो क्या तहलका मचेगा? यह तहलका भारत ने मचा दिया है। अभी तक जो ताकत सिर्फ अमेरिका, रूस, इजराइल और चीन के पास थी वो अब भारत ने हासिल कर ली है।
वो भी अपने दम पर। यह इतनी बड़ी ताकत थी कि अमेरिका, रूस, इजराइल और चीन अपने मित्र देशों तक को नहीं दे रहे थे। लेकिन भारत के डीआरडीओ ने 10 और 11 जून को लगातार तीन फ्लाइट टेस्ट किए और इस शक्ति को हासिल करने वाला पांचवा देश बन गया।
भारत ने लंबी दूरी की और यहां तक कि इंटरकॉन्टिनेंटल के खिलाफ मल्टी लेयर्ड डिफेंस सिस्टम तैयार कर लिया है। इसका सफल परीक्षण कर लिया है और पूरी दुनिया को इसकी तस्वीरें भी दिखा दी हैं।
आप इसे भारत का स्वदेशी आयरन डोम बोल सकते हैं। भारत ने खुद का पहला आयरन डोम आखिरकार बना लिया है। मल्टी लेयर्ड डिफेंस सिस्टम ऐसी ताकत है जिसे अभी तक फ्रांस, जर्मनी, यूके और जापान जैसे ताकतवर देश भी हासिल नहीं कर पाए हैं। भारत की यह स्वदेशी तकनीक दुश्मन की मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले हवा में ही नष्ट कर देंगी।
मल्टी लेयर्ड बैलेस्टिक डिफेंस सिस्टम का काम दुश्मन की को उनके टारगेट तक पहुंचने से पहले मार गिराना होता है। यह डिफेंस सिस्टम कई लेवल पर काम करता है। पहले दुश्मन की बैलेस्टिक या इंटरकॉन्टिनेंटल का पता लगाता है। कमांड सेंटर खतरे का आकलन करता है। इसके बाद इंटरसेप्टर मिसाइल छोड़ी जाती है जो हवा में जाकर दुश्मन की मिसाइल को नष्ट कर देती है। यह गर्व की बात है कि भारत का यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम इंटरकॉन्टिनेंटल यानी आईसीबीएम को भी नष्ट कर सकता है। आईसीबीएम बहुत ही लंबी दूरी तक मार करने वाली दुनिया की सबसे खतरनाक होती हैं। इन्हें 5000 किलोमीटर दूर से ही दागा जा सकता है। इंटरकॉन्टिनेंटल एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक पहुंच सकती हैं। ये हमला भी कर सकती हैं।
आपको बता दें कि आईसीबीए मिसाइल पहले अंतरिक्ष की ओर जाती है। फिर बहुत ऊंचाई से पृथ्वी की ओर लौटती है। बहुत तेजी से टारगेट पर हमला करती हैं। इसीलिए इसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली रणनैतिक में गिना जाता है। लेकिन अब भारत अपने मल्टी लेयर्ड बैलेस्टिक डिफेंस सिस्टम से को भी नष्ट कर सकता है।