किसका है ये तुमको इंतज़ार मैं हूं ना देख लो इधर तो राजीव तुम नहीं जानते ये सब मेरे लिए कितने मायने रखते हैं ये सिर्फ रेस नहीं है ये मेरा प्यार है मेरे दिल को ये क्या हो गया मैं ना जानू कहां खो गया क्यों लगे इनोसेंट डिवाइन प्योर एंड ग्रेसफुल बॉलीवुड की एक ऐसी एक्ट्रेस जिनके लिए ऐसे ही खूबसूरत शब्दों का इस्तेमाल किया गया। चले जैसे हवाएं सन सनन उड़े जैसे परिंदे गगन जिनकी एक स्पेशल फिल्म देखकर देश भर के
युवा इन्हीं के जैसी पत्नी और बुजुर्ग इन्हीं के जैसी बहू पाने की ख्वाहिश करने लगे। ऐसे हम जब देखने गए थे विवाह फिल्म तो मुझे भी उस थिएटर में पूनम से प्यार हो गया था। आय हाय और थिएटर से निकलते वक्त मेरी मां ने सीढ़ियों पे कहा था कि बेटा बहू लाना तो ऐसी लाना और हमने तैश में कह दिया ऐसी क्यों यही लेकर आएंगे? यह कहानी है एक ऐसी हीरोइन की जो जितनी मासूम दिखती थी उनकी रियल लाइफ उतनी ही खुरदरी रही।
सॉरी चाची जी। वो दिल्ली से कुछ सामान आया है। आप जरा जानती हूं तुम्हारे ससुराल वाले बहुत अमीर हैं। ये दिखा के और जताने की जरूरत नहीं है। बॉलीवुड ने उन्हें संस्कार की देवी बना दिया। लेकिन फिर उसी इंडस्ट्री ने उन्हें सबसे ज्यादा चोट भी पहुंचाई। आई वास लाइक वाओ मेरी पहली कवर आएगी जब मैंने कवर देखा। इट वास ऑल फोटोशॉप्ड एंड जस्ट पोजीशन एंड मैं कहीं पीछे खड़ी थी और सेंटर में कोई और था। आई वास लाइक ये तो कवर था ही नहीं यू नो। सो ऐसी चीजें होती है अवार्ड फंक्शनंस से लेकर कास्टिंग रूम्स तक। अमृता राव ने वो
सब झेला जिसके बारे में इन्होंने सालों तक चुप्पी बनाए रखी। और अब अपने हालिया पॉडकास्ट में इन्होंने ऐसे ऐसे राज खोले हैं, जिन्हें सुनकर बॉलीवुड की चमक के पीछे की काली परतें दिखने लगती हैं। इफ यू आर टॉकिंग अबाउट द इंडस्ट्री पॉलिटिक्स इफ दैट्स व्हाट यू वांट टू कॉल नज़र तो हुआ है मेरे साथ मतलब सम पीपल डाइव इंटू इट एंड दे प्ले दैट पॉलिटिक्स। यू नो दे से ओह दिस इज डर्टी पॉलिटिक्स। आई विल प्ले इट। एज अ यंग गर्ल आई फेस्ड अ लॉट ऑफ़ थिंग्स। तो आज के अपने शो में हम जानेंगे कि कैसे एक डायरेक्टर ने अमृता को ह्यूमिलिएटिंग नोट्स भेजे। कैसे एक एक्टर ने शूटिंग के दौरान इनके साथ बदतमीजी की। कैसे इन्हें बोल्ड सीन देने के लिए प्रेशराइज किया गया और कैसे इंडस्ट्री ने इनके खिलाफ फाल्स रमर्स फैलाकर इनकी इमेज को खराब करने की कोशिश की।
वो गर्ल नेक्स्ट डोर जो हर घर की पसंद बन गई थी। आखिर अचानक इंडस्ट्री से क्यों गायब हो गई? और क्यों इतने साल बाद इनकी यह कहानी फिर से सुर्खियों में है। दिल दे दिया है जान तुम्हें देंगे दगा नहीं। तो चलिए जानते हैं अमृता की कहानी कुछ फैक्ट्स, कुछ मीडिया कॉलम्स और खुद अमृता की जुबानी। नमस्कार दोस्तों, मैं हूं श्वेता जया और आप देख रहे हैं फिल्मी बातें। दोस्तों अमृता राव की कहानी शुरू होती है एक बेहद साधारण मिडिल क्लास परिवार से। ना किसी फिल्मी बैकग्राउंड की छाया ना किसी बड़े प्रोड्यूसर का हाथ। अमृता राव का जन्म 7वंथ जून 1981 को मुंबई में एक कोंकणी सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पापा दीपक राव बैंकिंग सेक्टर में सीनियर एग्जीक्यूटिव थे। जबकि इनकी मां एक सिंपल स्पिरिचुअल गणी रही। जिन्होंने हमेशा अपनी बेटियों को पब्लिक ग्लेयर से दूर रखा। अमृता और इनकी जुड़वा बहन प्रतीका ने बेहद डिसिप्लिंड मिडिल क्लास अपब्रिंगिंग में अपनी चाइल्डहुड बिताई। दोनों ही बचपन से पढ़ाई में तेज और बेहद फैमिली ओरिएंटेड थी। अमृता ने मुंबई के ही सोफिया कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन
पूरा किया और कॉलेज के दिनों से ही मॉडलिंग शुरू कर दी। इनकी बहन भी मॉडलिंग किया करती थी। सोफिया कॉलेज में इन्हें fair ever फेस क्रीम के लिए ऑडिशन में चुना गया। इसके बाद अमृता ने परख और ब्रू जैसी बड़ी कंपनियों के प्रोडक्ट्स के लिए ऐड किए। उस दौरान अमृता ने 35 से भी ज्यादा ऐड में काम किया। जिसकी वजह से बॉलीवुड में इनके लिए दरवाजे खुल गए और फिर एक ऐसा मौका मिला जिसने इनकी पूरी जिंदगी बदल दी। यह था अलीशा चिनोए का आइकॉनिक म्यूजिक वीडियो वह प्यार मेरा। वो प्यार मेरा, वह यार मेरा आया है मिलने को चमचम चमके। यह अमृता की पहली झलक थी और इस सॉन्ग में इंडिया ने एक नई सुंदरता और नई सिंपलीसिटी को नोटिस किया। लेकिन अमृता राव को यह मौका किसी बड़े कनेक्शन, किसी कास्टिंग एजेंट या किसी लंबे स्ट्रगल से नहीं मिला। बल्कि एड्स में इनके इनोसेंट फेस ने डायरेक्टर्स को इतना इंप्रेस किया कि अलीशा चिनोई के वीडियो के लिए इन्हें तुरंत चुन लिया गया।
वो जोगी मैं हूं जोगनिया बाहों में उस इसके बाद साल 2002 में फिल्म अब के बरस से अमृता राव ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। जिसमें इनके अपोजिट राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर थे। तुम जो मिले हो सब कुछ मिला है हालांकि ये फिल्म अमृता के लिए कुछ खास नहीं रही। वहीं इसी साल द लीजेंड ऑफ भगत सिंह में भी अमृता छोटे से रोल में नजर आई। कोई बात नहीं। मैं साथ चलूंगी। दुनिया भर की दुख तकलीफें सब सह लूंगी लेकिन मैं आपको अपने साथ नहीं ले जा सकता। मैं आपके लौटने का इंतजार करूंगी। इसके बाद साल 2003 में रिलीज हुई शाहिद कपूर की डेब्यू फिल्म इश्क विश् अमृता के लिए भी कमाल की साबित हुई। मेरे दिल को ये क्या हो गया। मैं ना जानू कहां खो गया। क्यों लगे? इश्क विषक की सफलता के बाद अमृता की इमेज एक स्वीट इनोसेंट गर्ल की बन गई। और यहीं से शुरू हुई इनकी उड़ान जिसने इन्हें नया मुकाम दिया। एक्चुअली राजीव मैं भी तुमसे प्यार करती हूं। और यह भी नहीं जानती कि कब से। मगर हमेशा ये डर रहता था कि शायद तुम्हारी पसंद मैं नहीं बल्कि वो इस फिल्म में अमृता की इनोसेंट स्माइल, इनकी सॉफ्टनेस और इनकी गर्ल नेक्स्ट डोर स्क्रीन प्रेजेंस इंडिया के घर-घर में पहुंच गई। धीरे-धीरे से दिल का छीना है करार।
साल 2004 में मल्टी स्टारर कॉमेडी फिल्म मस्ती में भी अमृता राव ने काम किया। आधा घंटा, पता है आधे घंटे में क्या-क्या हो जाता है? आधे घंटे में टीवी सीरियल का एक पूरा एपिसोड खत्म हो जाता है। आधे घंटे में फ्रिज में रखा हुआ पानी बर्फ बन जाता है। 2004 में ही अमृता सुपरहिट फिल्म मैं हूं ना का भी हिस्सा रहीं। और इनके छोटे बट इंपॉर्टेंट कैरेक्टर को भी नोटिस किया गया। गोरे गोरे गोरे गोरे गोरे गोरे गोले बोले नए-नए गोरे गोरे देखो देखो हम दोनों मी हैं। इस फिल्म में शाहरुख खान की एडवाइस के बाद अमृता का गेटअप चेंज करना नाक की रिंग और कूल बनने के तरीके ने तब की लाखों यंग लड़कियों को अफेक्ट किया और लिटरली उन्होंने इसे फॉलो भी किया। तो हां, इस फिल्म ने भी अमृता के करियर को आगे बढ़ाने में काफी हेल्प की। किसका है ये तुमको इंतजार मैं हूं ना देख लो इधर तो लेकिन अमृता को वास्तविक पहचान और फेम मिली 2006 में आई फिल्म विवाह से जो इनकी करियर डिफाइनिंग फिल्म बन गई। तुम्हें हक है तुम्हें हक है। अमृता राव पहली एक्ट्रेस बनी जिन्हें इंडिया ने सिंपल ब्राइड का चेहरा मान लिया। सेहरा से जाके घोड़ी चढ़ के जब तुम आओगे तो जानते हो क्या होगा? क्या? हमारे गली के कई घरों में चूल्हों में रोटियां जल जाएंगी। इस फिल्म के लिए अमृता को दादा साहब फाल्के एकेडमी पुरस्कार भी मिला और ऑडियंस का भरपूर प्यार भी। इसके बाद तो
देश भर से कई ऐसी खबरें आने लगी कि यंग लड़के विवाह की पूनम जैसी ही वाइफ चाहते हैं और लड़कों के पेरेंट्स इनकी जैसी बहू। ऐसे हम जब देखने गए थे विवाह फिल्म तो मुझे भी उस थिएटर में पूनम से प्यार हो गया था। आय हाय और थिएटर से निकलते वक्त मेरी मां ने सीढ़ियों पे कहा था कि बेटा बहु लाना तो ऐसी लाना और हमने तैश में कह दिया ऐसी क्यों यही लेकर आएंगे? यानी अमृता के लिए लोगों की दीवानगी चरम पर थी। जिसे अमृता ने भी खूब एंजॉय किया। देयर अ लॉट ऑफ़ एनआरआई गाइस राइट लेटर्स टू मी विथ देयर बायोडेटा एंड देयर फोटोग्राफ्स एंड देयर फोटोग्राफ्स विथ देयर कार एंड देयर पेरेंट्स। यह इनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और यादगार दौर रहा। विवा, आई थिंक मेरे लिए एक स्पिरिचुअल फिल्म है। आई थिंक इट वाज़ अ इट वाज़ लाइक अ गिफ्ट फ्रॉम द हायर। वहीं दौर बदलने के बाद अब इस फिल्म के कई सीन के मीनम भी बने और कहानी को अनरियलिस्टिक भी बताया गया। जल लीजिए। ओके। दैट्स नाउ द। जल इट मीम्स आई हैव अराइव। वहीं इस फिल्म के लिए अमृता ने काफी मेहनत की थी। खासकर अपनी हिंदी को लेकर। बताते हैं कि इस फिल्म के ऑडिशन में डायरेक्टर सूरज बजात्या ने अमृता को मुंशी प्रेमचंद की एक किताब पढ़ने को कहा और 4 घंटे तक वह इनकी हिंदी चेक करते रहे। खैर तो 2006 में वापस चलें तो बताते हैं कि फिल्म और अमृता की यह सक्सेस जितनी खूबसूरत रही इसके पीछे उतनी ही अजीब कहानियां भी जुड़ गई जिन्हें इन्होंने अब तक कभी नहीं बताया था। दरअसल विवाह फिल्म के बाद हर कोई मान रहा था कि अमृता राव अगले 5 साल की टॉप हीरोइन होंगी।
लेकिन हुआ इसका उलट। आई वास डिर्विंग एन अवार्ड फॉर दिस। पर मुझे क्यों नहीं मिला? मैं मुझे मेरे साथ ऐसे क्यों होता है? मैं कवर पे क्यों नहीं हूं? मेरा ही नाम क्यों गलत लिया जाता है? इंडस्ट्री में अचानक यह रमर्स फैलाए जाने लगे कि अमृता एटीट्यूड दिखाती हैं। ऑनसेट टेंड्रम्स देती हैं और इंडस्ट्री फ्रेंडली नहीं है। लेकिन लंबे समय बाद अपने कुछ इंटरव्यू में अमृता ने उन दिनों की इन पेज थ्री गॉसिप्स पर बात की और अपना पक्ष रखा। साथ ही यह भी बताया कि कैसे कवर फोटोशूट को पब्लिश होने के समय चेंज कर दिया गया जिसने अमृता को शॉक्ड कर दिया। देयर वाज़ अ फोटो शूट व्हिच वाज़ प्लांड फॉर द कवर यू नो ऑफ़ दैट मैगज़ीन एंड आई वाज़ सीटेड विथ द अवार्ड। शाहिद वाज़ स्टैंडिंग बिहाइंड मी विथ द अवार्ड। देयर वर टू सुपरस्टार एक्ट्रेसेस हु वेर सिटींग ऑन आइदर साइड्स एंड देयर वाज़ अनदर वेरी-वैरी फेमस एक्टर एंड वन एक्ट्रेस अगेन वैरी फेमस। दैट वाज़ द लेआउट ऑफ़ द कवर। यू नो एंड वी वाज़ सो हैप्पी एंड थ्रिल्ड। और आई वाज़ लाइक, वाओ! मेरी पहली कवर आएगी। जब मैंने कवर देखा इट वाज़ ऑल फोटोशॉप्ड एंड जस्ट पोजीशन एंड मैं कहीं पीछे खड़ी थी और सेंटर में कोई और था। आई वास लाइक ये तो कवर था ही नहीं यू नो। सो ऐसी चीजें होती है। अमृता बताती हैं कि कुछ डायरेक्टर्स प्रोड्यूसर्स इन्हें बोल्ड सींस के लिए प्रेशराइज करते थे। और जब इन्होंने ना कहा तो इन पर एटीट्यूड प्रॉब्लम का टैग चिपका दिया गया। यानी अमृता के मुताबिक एक सिंपल एथिकल लड़की जो अपने वैल्यूस से समझौता नहीं करना चाहती थी उसी को डिफिकल्ट टैग देकर साइडलाइन कर दिया गया। दोस्तों अमृता ने शुरू से ही बोल्ड सीन,
किसिंग सीन, इंटिमेट सीनंस, बिकनी और छोटे कपड़ों वाले सीन कभी नहीं किए। जिसका इन्हें कई बार नुकसान भी हुआ। दरअसल एक बार अमृता को यशराज फिल्म से एक फिल्म का ऑफर आया था। जिसमें इनके अपोजिट रणबीर कपूर को कास्ट किया जाना था। फिल्म के एक सीन में अमृता को रणबीर को किस करना था। लेकिन इस सीन के लिए अमृता ने साफ मना कर दिया और जब इनकी यह शर्त नहीं मानी गई तो इन्होंने उस फिल्म में काम करने से ही इंकार कर दिया। दोस्तों, यह वो दौर था जब एक एक्ट्रेस की इज्जत से ज्यादा इंडस्ट्री के दबाव की कीमत होती थी और खासकर जब वह आउटसाइडर हो तब तो उसकी मर्जी बिल्कुल भी मायने नहीं रखती थी। या शायद यह कुछ हद तक आज भी है। हालांकि रणवीर अलबदिया के इस रिसेंट पॉडकास्ट में अमृता थोड़ी सुपरस्टीशियस भी साउंड करती दिखी जब अपने ऊपर काले जादू और नजर की बातें करती नजर आई। आई हैव एक्सपीरियंस्ड लाइक आई आई रिमेंबर वंस आई केम बैक फ्रॉम सम शूट और समथिंग एंड आई वास फीलिंग सो लो एंड आई लिटरली लाइक दिस एंड देयर वाज़ अ मेड लाइक अ न्यू मेड हु हैड कम। शी सेड अरे अरे एक मिनट मैं आपकी नजर उतारती हूं। और उसने वो जो फिटकरी होती है ना, वो फिटकरी से पता नहीं कुछ किया। एंड देयर वाज़ लिटरली सम की काइंड ऑफ़ अ साउंड दैट केम एंड शी वाज़ लाइक, अरे बाप रे! इतनी गंदी नजर लगी है। दोस्तों, अमृता राव की क्लीन इमेज के बावजूद इनका नाम जोड़ा गया शाहिद कपूर के साथ।
इश्क-विश्क से लेकर विवाह प्रमोशंस तक दोनों की केमिस्ट्री को लेकर मीडिया में तूफान मचा रहता था और यहां तक दावे किए गए कि इनकी वजह से ही शाहिद करीना के रिश्ते में खटास आई थी। लेकिन अमृता ने हमेशा कहा हम अच्छे दोस्त हैं बस। दूसरी तरफ साजिद खान और कुछ दूसरे डायरेक्टर्स के साथ इनके झगड़े की गॉसिप भी चलती रही और बॉलीवुड की मैगजीन ने इनके पर्सनल लाइफ को मसाले की तरह बेचने की खूब कोशिश भी की। लेकिन अमृता एक बात पर अड़ी रही। माय पर्सनल लाइफ इज प्राइवेट ऑलवेज। दोस्तों, अमृता राव के शांत और सिंपल पर्सनालिटी के बावजूद इनके करियर में एक ऐसा विवाद आया जिसने पूरे बॉलीवुड को चौंका दिया। यह घटना थी 2005 की। जब फिल्म प्यारे मोहन के सेट पर इनके साथ काम कर रही थी एक्ट्रेस ईशा देओल। कई साल बाद ईशा ने खुद एक इंटरव्यू में एक्सेप्ट किया कि शूटिंग के दौरान दोनों के बीच एक हीटेड आर्गुमेंट हुआ था, और गुस्से में आकर उन्होंने अमृता राव को थप्पड़ मार दिया था। ईशा ने एडमिट किया कि इन्होंने अपनी जो को-स्टार अमृता राव हैं, उनको थप्पड़ मार दिया था। मुझे याद नहीं है। याद नहीं है मुझे। ईशा का कहना था कि अमृता ने उनके बारे में डायरेक्टर इंद्र कुमार और कैमरा क्रू के सामने कुछ अपमानजनक बातें कह दी और एक 202 साल की लड़की होने के नाते उन्होंने उस वक्त भावनाओं में बहकर उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। लेकिन ईशा ने एक दूसरे इंटरव्यू में यह भी कहा कि यस आई स्लैप्ड हर आई हैव नो रिग्रेट्स।
शी अपोलजाइज्ड लेटर एंड आई फॉरगिव हर। दूसरी तरफ अमृता राव ने इस पूरी घटना पर हमेशा बहुत डिग्निटी के साथ चुप्पी बनाए रखी और सिर्फ इतना कहा इट्स अ क्लोज्ड चैप्टर। लेकिन यह इंसिडेंट आज भी बॉलीवुड की उन मशहूर ऑनसेट कॉन्फ्लिक्ट्स में गिना जाता है जहां एक शांत संस्कारी इमेज वाली हीरोइन को उस एक्ट्रेस ने तमाचा मार दिया जो नेपोकिड थी। स्ट्रांग बैकग्राउंड था। हेमा मालिनी और धर्मेंद्र के सपोर्ट की वजह से जिसका दिमाग सातवें आसमान पर रहता था और जिससे फिल्म मेकर्स भी कहीं ना कहीं डरते थे। दोस्तों साल 2009 के आसपास हर मीडिया हाउस यह सवाल पूछता दिखता था वेयर इज अमृता राव डिसअपीयरिंग? लेकिन जो कोई नहीं जानता था वो यह कि अमृता तब सीक्रेटली किसी को डेट कर रही थी। अ पॉपुलर रेडियो जॉकी अनमोल को। तब फिल्मों से इनका मन हट चुका था और इंडस्ट्री ने भी इन्हें साइडलाइन कर दिया था। ऐसे में एक रेडियो प्रोग्राम के दौरान अनमोल इनकी जिंदगी में आए और इन दोनों का रिश्ता 7 साल तक सबसे छुपा रहा। फिर 2016 में इन्होंने गुपचुप शादी कर ली। कोई बड़ा फंक्शन नहीं, कोई मीडिया इनवाइट नहीं, कोई बॉलीवुड परेड नहीं। सिर्फ दो लोग जो किसी से वैलिडेशन नहीं चाहते थे। और यही सिंपलीसिटी इनकी कहानी की सबसे खूबसूरत बात रही। व्हेन अनमोल वाज जब अनमोल मुझे प्रपोज कर रहे थे तो मैंने उनको एक ही चीज कहा था। कि अब यह मेरे लिए यहां से और सीरियस ही होगा। यू नो इट वास नॉट लाइक ओके लेट्स गिव इट अ ट्राई। लेट्स सी वेयर इट गोज़। नो शादी के 4 साल बाद 1 नवंबर 2020 को इन्होंने एक बेटे को जन्म दिया जिसका नाम वीर रखा गया। दोस्तों दावे के मुताबिक फिल्म विवाह के बाद जो भी बड़े प्रोजेक्ट्स अमृता के पास आए उनमें या तो मेकर्स ने इन्हें बोल्ड रोल्स के लिए फोर्स किया या लो बजट वीक स्क्रिप्ट दी गई। जिसमें सेम वही विवाह वाली इमेज दोहराने की कमजोर कोशिश दिख रही थी। लेकिन अमृता ने इन दोनों में से किसी को भी एक्सेप्ट नहीं किया और शायद यही वजह रही कि इनके हाथ से फिल्में जाती रही। यू नो देन यू हैव टू बी अन इट इट विल बी लाइक किसिंग सीन हो सकता है कुछ भी आउटफिट शॉट हो सकता है यू का क्वेश्चंस नहीं पूछ सकते आप फिर जो लड़की कुछ दिनों पहले तक खूबसूरती की मूरत मानी जाती थी उसी के लिए डायरेक्टर्स ओपनली कहने लगे यह तो बड़ी सिंपल है ना ग्लैमर है ना मसाला और इसी तरह बॉलीवुड की मोस्ट लव्ड फेस मानी जाने वाली एक्ट्रेस साइलेंटली इंडस्ट्री से फेड आउट कर दी गई। हालांकि बाद के करियर पर नजर डालें तो साल में इनके इक्काद-दुक्का फिल्में आती थी।
उसमें भी इनके साथ कोई और एक्ट्रेस स्क्रीन शेयर किया करती थी या फिर इनकी गेस्ट अपीयरेंस ही हुआ करती। इसी दौरान इन्होंने तेलुगु सिनेमा का भी रुख किया और साल 2007 में तेलुगु फिल्म अतिथि से डेब्यू किया जिसमें इनके अपोजिट हीरो थे महेश बाबू। लेकिन जिस तरह के रोल्स यह चाहती थी, वह इनको वहां भी नहीं मिले। फिर अमृता ने 2 साल तक बॉलीवुड से भी ब्रेक ले लिया और इसके बाद यह सीधे नजर आई 2013 में फिल्म जॉली एलएलबी में। तुझे नहीं लगता तू ओवर रिएक्ट कर रहा है। अरे सबको स्ट्रगल करना पड़ता है यार तू इकलौता नहीं है। पापा पता है क्या कहते हैं? पापा कहते हैं वकालत में जो जितना देर जमा कर बैठे वो उतना मजबूत। लेकिन इसमें भी इनका रोल इतना ज्यादा बढ़ा नहीं था। इस दौरान अमृता की और भी फिल्में आई जैसे सिंह साहब द ग्रेट और सत्याग्रह। अमृता ने साल 2013 तक बॉलीवुड और तेलुगु की कई फिल्में की लेकिन ज्यादा सफलता नहीं मिली और फिर इन्होंने खुद को किनारा कर लिया। आखिरी बार अमृता फिल्म ठाकरे में नजर आई थी जिसमें इन्होंने बाला साहब ठाकरे की पत्नी का किरदार निभाया था। हम जिंदगी में लोगों के काम आ सके। इससे अच्छी जिंदगी और क्या हो सकती है? बस यह लोग हमें हर वक्त देखते रहते हैं। यह थोड़ा अजीब लगता है। फिर आया 2020 का दौर। अमृता राव और आरजे अनमोल का पडकास्ट सीरीज कपल ऑफ थिंग्स शुरू हुआ और यहां पहली बार अमृता ने अपने दिल की बातें कहीं। इन्होंने खुलासा किया कि कैसे इन्होंने सेल्फ रिस्पेक्ट को करियर से ऊपर रखा। आप लड़का लड़की जितना कमा रहे हैं या उसको 50-50 करके जो भी बजट आता है उसमें शादी कर लो।
या हमने मंदिर में शादी की है यार। क्या बात कर रहे हो आप। या मतलब आई थिंक वेडिंग हैज़ टू बी अ वेरी क्लोज पर्सनल अफेयर इन एनी केस। यू नो लाइक इनके ऑनेस्टली फिल्ड इंटरव्यूज ने लोगों को शॉक्ड भी किया और इंस्पायर भी। यू शुड बोदर अबाउट लोग क्या कहेंगे? उन्होंने यह पहना था। यू नो ऑल दैट जिस जैज सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग? फिलहाल की बात करें तो आज अमृता राव कुछ एड्स कर रही हैं और प्रोडक्शन में भी हाथ आजमा रही हैं। यह एक ऑनेस्ट स्टोरी टेलर हैं। एक ऐसी एक्ट्रेस हैं जिन्होंने हमेशा अपने प्रिंसिपल्स को चुना चाहे उसकी कीमत करियर क्यों ना हो। इन्होंने फिल्मों में कमबैक नहीं किया लेकिन इंटरनेट के जरिए अपने चाहने वालों के बीच बनी हुई हैं और बेहद फिट और चार्मिंग पर्सनालिटी कैरी करती हैं। इंटरनेट पर आज भी इनके लाखों फैंस इन्हें उतना ही प्यार करते हैं जितना विवाह के पूनम को दिया था। तो दोस्तों, अमृता राव की यह कहानी सिर्फ एक एक्ट्रेस की कहानी नहीं बल्कि यह एक ऐसी साधारण सी लड़की की कहानी है जिसने बॉलीवुड की दुनिया में अपनी सिंपलीसिटी और डिग्निटी को बचाए रखा जिसकी झलक आज भी इनकी बातों और पर्सनालिटी में साफ झलकती है। तो दोस्तों, आपको अमृता राव की यह कहानी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताइएगा। साथ ही और किस फिल्मी हस्ती की कहानी जानना चाहते हैं, यह भी लिखना मत भूलिएगा। तो मैं हूं श्वेता जया, एक जर्नलिस्ट और आप देख रहे हैं फिल्मी बातें। अगले एपिसोड में मिलेंगे एक और फिल्म स्टार की हिडन कहानी के साथ। तब तक के लिए नमस्कार।