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हिंदू नाम, माथे पर तिलक, निकला बांग्लादेशी

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मैं ये पूछना चाहता हूं मिस्टर फादर से चर्च के फादर से मैं पूछना चाहता हूं कि जीसस क्राइस्ट का ग्रंथ का नाम बताओ हां हां क्या है गोस्पेल ऑफ जॉनस वो सब क्या चीज है बाइबल क्या चीज है धार्मिक ग्रंथ धार्मिक ग्रंथ है | ये कहां से मैन्युफैक्चर हुआ है जस्ट टेल मी जस्ट टेल मी कहां से मैन्युफैक्चर हुआ है ऑफकोर्स इट वास नॉट प्रिंटेड इन इंडिया इंडिया भारतवर्ष में यह पैदा हुआ ही नहीं था। विदेशी क्रिश्चियन लोगों का, विदेशी भाषाओं का

बाइबल हमारे इंडिया में चलेगा नहीं। हमारा क्या है? चारों वेद है। इस व्यक्ति को तो आप पहचान ही गए होंगे जो पिछले साल क्रिसमस के मौके पर चर्च के पादरी से बदतमीजी कर रहा था। यही नहीं इसका एक और वीडियो देखिए। इंग्लिश में पिडोफेलिक बोला जाता है। अगर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है कि मोहम्मद मदर मैरी और पैगंबर मोहम्मद के बारे में जहरीली बातें बोलने वाला धार्मिक संवेदनाओं और सार्वजनिक व्यवहार की धज्जियां उड़ाने वाला यह शख्स खुद को सत्यनिष्ठ आर्य बताता था। लेकिन कहानी कुछ और ही है।

इसे उत्तराखंड के ऋषिकेश से पुलिस ने गिरफ्तार किया। जैसा कि हमने आपको बताया वो सत्यनिष्ठ आर्य की पहचान के साथ रह रहा था लेकिन असलियत कुछ और ही निकली। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि उसका असली नाम सनी उर रहमान है और यह बांग्लादेश के फरीदपुर का रहने वाला है। यह कोई हालिया एंट्री नहीं बल्कि साल 2016 से भारत में रह रहा था। 18 अप्रैल को ऋषिकेश पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान इस शख्स पर शक हुआ। पूछताछ हुई लेकिन जवाब गोलमोल मिल रहे थे।

फिर उसे थाने ले जाया गया। जब सख्ती बढ़ी तब जाकर कहानी खुली। पूछताछ में पता चला कि वह गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही लक्ष्मण झूला आया था। इससे पहले वह पश्चिम बंगाल, दिल्ली और गाजियाबाद सहित कई जगहों पर रह रहा था। खबरों के मुताबिक सयर रहमान नेपाल के रास्ते भारत में घुसा था। उसके पास से बांग्लादेशी पासपोर्ट भी मिला। जिसकी वैधता 2018 में ही खत्म हो चुकी थी। लेकिन असली खेल यहां से शुरू होता है। सनी उर रहमान ने अपनी पहचान छिपाने के लिए गाजियाबाद के पते पर आधार कार्ड बनवा लिया। यानी इस सिस्टम को चकमा देकर सालों तक यहां रह रहा था। इतना ही नहीं वो यूपीआई के तहत चंदा भी जुटा रहा था और सोशल मीडिया वहां भी काफी एक्टिव था। सत्यनिश आर्य के नाम से वह वीडियो डालता था जो वायरल भी खूब होते थे।

पहचान बदलने के बाद वह हिंदू संगठनों के कार्यक्रमों में भी शामिल होने लगा और इतना ही नहीं मुस्लिम और ईसाई धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी करता रहा। पिछले साल क्रिसमस पर तो उसने गाजियाबाद के एक चर्च में घुसकर पादरी के साथ बदसलूकी भी की थी। जिसका वीडियो हमने आपको शुरुआत में ही दिखाया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने उसे फर्जी दस्तावेज बनाकर भारत में अवैध तरीके से रहने और पहचान छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ कोतवाली लक्ष्मण झूला में बीएएनएस की धारा 3184 3192 338 3363 3402 और अप्रवासन एवं विदेशी अधिनियम 2025 की धारा 321 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां आरोपी के बारे में फिलहाल और जानकारी जुटा रही हैं। तो फिलहाल इस खबर में इतना ही। आपकी इस खबर पर क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताएं। मेरा नाम आसिफ असरार है। देखते रहिए द लन टॉक। शुक्रिया।

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