अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दूसरी बार जानलेवा हमला हुआ है। वाशिंगटन डीसी में सालाना वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट डिनर के दौरान फायरिंग हो गई। यह वह व्यक्ति है जिसने डोनल्ड ट्रंप पर गोली चलाने की कोशिश की। इसकी पहचान 31 साल के कोल टॉमस एलेन के रूप में हुई जो अमेरिका के कैलिफोर्निया का रहने वाला था। हम आपको बता दें कि डॉनल्ड ट्रंप सुरक्षित हैं। हालांकि इस हमले के बाद डॉन्ड ट्रंप के साथ जो कुछ हुआ उसे आप कर्मों का फल बोल सकते हैं। दरअसल गलती से कैमरे में कुछ ऐसा रिकॉर्ड हो गया जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
आपको याद होगा कि डॉनल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले भारत को हेलहोल यानी नर्क कहा था। उस वक्त अमेरिकी लोग भी बहुत खुश हो रहे थे कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीयों का अपमान किया है। लेकिन इस हमले के बाद कैमरे में दो ऐसी चीजें रिकॉर्ड हो गई जिसमें ट्रंप को उनकी अहमियत और अमेरिकियों को उनकी हैसियत के बारे में पता चल जाएगा। सबसे पहले आप इस वीडियो को देखिए।
कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस तरह से अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को ट्रंप से पहले बचाया गया उसने शक पैदा कर दिया है। वाइट हाउस के कमांडोज़ सबसे पहले उपराष्ट्रपति जेडी वंस को बचाकर ले गए। आप देखिए कि पीछे डोन्ड ट्रंप अभी भी बैठे हुए हैं। उन पर इस वक्त भी हमला हो सकता था लेकिन उन्हें वहां से उठाकर नहीं ले जाया गया। डॉनल्ड ट्रंप को जेडी वांस के बाद ले जाया गया।
आप यहां पर सुरक्षा की हालत देखिए कि डॉनल्ड ट्रंप जब बचकर जा रहे थे तो वह जमीन पर गिर पड़े। उन्हें घुटनों के बल ही यहां से निकलना पड़ा। ट्रंप के परिवार को भी ऐसे ही जान बचाकर यहां से भागना पड़ा। अब कई सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति को पहले नहीं बचाना चाहिए था? जेडी वैंस तो आराम से निकल गए लेकिन डोन्ड ट्रंप जमीन पर गिर गए। बहरहाल अब आते हैं दूसरी वीडियो पर। यह वीडियो तो आपके होश उड़ा देगी। यह दृश्य उस वक्त का है जब हमला हो चुका था।
डॉनल्ड ट्रंप को यहां से ले जाया जा चुका था। उस वक्त हॉल में कई अमेरिकी पत्रकार मौजूद थे। अब आप इन अमेरिकियों की हैसियत देखिए। डॉनल्ड ट्रंप बाल-बाल बचे लेकिन यह अमेरिकी पत्रकार सेल्फी खिंचवा रहे हैं। कई अमेरिकी पत्रकार महंगी वाइन की बोतल तक चुराते दिखे। देखिए कैसे यह अमेरिकी महिला पत्रकार अपने साथ वाइन की बोतल ले जा रही है। यह वो तथाकथित पढ़े लिखे अमेरिकी है जो भारत को नीचा दिखाते हैं। भारत को हेलहोल बोलते हैं।
वैसे भारत को हेलहोल बोलने वाले अमेरिका को पीएम मोदी ने भी आईना दिखा दिया है। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि मैं इस घटना से बहुत चिंतित हूं। मुझे खुशी है कि डॉनल्ड ट्रंप सही सलामत हैं। लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। पीएम मोदी ने दुनिया भर में लोकतंत्र का ठेकेदार बनने वाले अमेरिका को यह बता दिया है कि आपके लोकतंत्र में जिस तरह की हिंसा हो रही है, ऐसी हिंसा नहीं होनी चाहिए।