राजेश खन्ना एक ऐसा नाम जिनके जिक्र के बिना बॉलीवुड का इतिहास अधूरा है। भारतीय सिनेमा में कई नायक आए और गए। लेकिन सुपरस्टार शब्द का असली अर्थ और उसका गौरव अगर किसी ने स्थापित किया तो वह थे जतिन खन्ना जिन्हें दुनिया काका और राजेश खन्ना के नाम से जानती है। 60-70 के दशक में राजेश खन्ना ने सफलता का जो स्वाद चखा और जिस कदर उनकी दीवानगी पैदा हुई उसे आज के दौर में सोचना भी सपने जैसा है। राजेश खन्ना साहब का वह दौर सिनेमा के स्वर्णिम सफर उनके जादुई व्यक्तित्व के लिए हमेशा याद किया जाता रहेगा। राजेश खन्ना भारतीय सिनेमा के पहले और सबसे बड़े सुपरस्टार माने जाते हैं। 1969 से 1971 के बीच उन्होंने लगातार 15 सोलो हिट फिल्में देकर एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया जिसे शाहरुख खान से लेकर अमिताभ बच्चन, आमिर खान से लेकर सलमान खान कोई भी तोड़ नहीं पाया।
इस कार्यक्रम में काका यानी राजेश खन्ना की जादुई सफलता, उनके सुपरहिट गाने और बेमिसाल रिकॉर्ड के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। राजेश खन्ना का बॉलीवुड डेब्यू। बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना का जन्म 29 दिसंबर साल 1942 में पंजाब के अमृतसर में हुआ था। अपने एक्टिंग करियर में इन्होंने एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दी। राजेश खन्ना ने साल 1966 में फिल्म आखिरी खत से बॉलीवुड में एंट्री की थी। इसके बाद साल 1969 में शक्ति सामंत की फिल्म आराधना ने इन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। फिर इन्होंने 1969 से 1971 तक लगातार 15 सुपरहिट फिल्में दी। राजेश खन्ना बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना से पहले भी दिलीप कुमार, राज कपूर, देवानंद जैसे महान अभिनेता रहे जिन्हें लोगों का बहुत प्यार मिला। लेकिन सुपरस्टारडम की जो लहर राजेश खन्ना के साथ आई वो अभूतपूर्व थी। उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि लड़कियां उनकी सफेद कार को अपनी लिपस्टिक से लाल कर दिया करती थी। उनकी एक झलक पाने के लिए उनके फैंस घंटों इंतजार किया करते थे।
राजेश खन्ना ने 1966 में फिल्म आखिरी खत से डेब्यू किया। लेकिन उनकी किस्मत का सितारा 1969 में चमका। इस साल रिलीज हुई फिल्म आराधना ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया और पूरे देश में उनके चाहने वालों की संख्या लाखों में पहुंच गई। इसके बाद जो हुआ वो विश्व सिनेमा के इतिहास में एक चमत्कार की तरह देखा जाता है। 50 साल बाद भी नहीं टूटा रिकॉर्ड। राजेश खन्ना के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि उनकी लगातार 15 हिट फिल्में रहीं। 1969 से 1971 के बीच का यह समय राजेश खन्ना युग के नाम से भी जाना जाता है। इन तीनों सालों में उन्होंने एक के बाद एक सुपरहिट फिल्में दी और इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस के सारे समीकरण बदल दिए। अगर इन 15 फिल्मों के नामों की बात करें तो वह इस प्रकार थे। 1969 में आई आराधना 1969 की डोली 1969 की बंधन इत्तेफाक 1969 दो रास्ते 1969 खामोशी 1969 सफर 1970 द ट्रेन 1970 कटी पतंग 1970 सच्चा झूठा 1970 आन मिलो सजना 1970 महबूब की मेहंदी 1971 छोटी बहू 1971 आनंद 1971 हाथी मेरे साथी 1971 मर्यादा 1971 और अंदाज जो 1971 में रिलीज हुई। आज के समय में जब बड़े-बड़े सुपरस्टार की फिल्में फ्लॉप हो रही हैं तब राजेश खन्ना के रिकॉर्ड किसी हिमालय की चोटी की तरह अडिग खड़ा है। अमिताभ बच्चन खान त्रिमूर्ति यानी शाहरुख सलमान आमिर समेत आज के युवा स्टार्स में से कोई भी इस जादुई आंकड़े के करीब तक पहुंचता हुआ नजर नहीं आता है। फिल्म आनंद को अमर कर दिया। अगर राजेश खन्ना के करियर की सबसे बेहतरीन फिल्म की बात की जाए तो वह निसंदेह डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म आनंद अह रही जो 1971 में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म में उन्होंने एक कैंसर पीड़ित व्यक्ति का किरदार निभाया जो अपनी मौत के करीब होते हुए भी जिंदगी को भरपूर जीता है। फिल्म का एक डायलॉग बाऊ मोसाय जिंदगी बड़ी होनी चाहिए लंबी नहीं। आज भी हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा का बड़ा श्रोत माना जाता है।
इस फिल्म में उनके साथ अमिताभ बच्चन भी थे। लेकिन पूरी फिल्म में राजेश खन्ना के करिश्मे और उनके हंसते हुए चेहरे ने दर्शकों को इस कदर बांधा कि फिल्म के अंत में हर दर्शक की आंखें नम हो जाती हैं। यह फिल्म राजेश खन्ना के अभिनय कौशल का सबसे बड़ा प्रमाण माना जाता है। संगीत और राजेश खन्ना का रिश्ता। राजेश खन्ना की सफलता में संगीत का बहुत बड़ा हाथ रहा। विशेष रूप से आर डी बर्मन का संगीत और किशोर कुमार की आवाज ये तीनों एक साथ आते तो संगीत के सबसे ऊंचे पायदान पर नजर नजर आते। मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू? रूप तेरा मस्ताना यह जो मोहब्बत है प्यार दीवाना होता है और जिंदगी एक सफर है सुहाना जैसे गानों ने उन्हें युवाओं का आइकॉन बना दिया था। किशोर कुमार की आवाज राजेश खन्ना के चेहरे पर इतनी सटीक बैठती थी कि लोगों को लगता था कि राजेश खन्ना खुद ही गाना गा रहे हैं। वहीं राजेश खन्ना के कुछ बेहद सुपरहिट गीतों से भी आपको यहां रूबरू कराते चलें। मेरे सपनों की रानी यह गाना फिल्म आराधना का था। यह श्याम मस्तानी यह कटी पतंग का उनका बेहद हिट गीत था। कोरा कागज था यह मन मेरा आराधना का यह गीत रूप तेरा माना यह भी आराधना का गीत गुलाबी आंखें यह द ट्रेन का गीत जिंदगी एक सफर है सुहाना अंदाज फिल्म का गीत प्यार दीवाना होता है यह गीत फिल्म कठी पतंग का था एक अजनबी हसीना से अजनबी फिल्म का यह गीत भीगी भीगी रातों में अजनबी फिल्म का गीत हमें तुमसे प्यार कितना कुदरत छुप गए सारे नजारे दो रास्ते दिन प्यार के आएंगे आराधना यह जो मोहब्बत है कटी पत पतंग गुनगुना रहे हैं भंवर आराधना और ऐसे ना जाने कितने हिट गीत जो राजेश खन्ना की फिल्मों में दिखाई पड़ते थे। राजेश खन्ना का अनोखा अंदाज।
राजेश खन्ना सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे बल्कि एक फ्रेंड सेटर माने जाते थे। उनका गुरु कुर्ता यानी साइड बटन वाला कुर्ता पूरे भारत में प्रसिद्ध हो गया था। उनकी गर्दन झुकाने की अदा, उनकी आंखों को झपकाने का तरीका और उनकी मुस्कुराहट हर चीज एक स्टाइल बन गई थी। उनकी फिल्में केवल मनोरंजन नहीं थी बल्कि सामाजिक संवेदना को भी छूती थी। हाथी मेरा साथी ने बच्चों को उनका दीवाना बना दिया तो अमर प्रेम और सफर ने गंभीर सिनेमा प्रेमियों का दिल जीत लिया। फिल्मों के लिए राजेश खन्ना की फीस बता दें शुरुआती दौर यानी कि 1970 में राजेश खन्ना एक फिल्म के लिए लगभग ₹1 लाख चार्ज करते थे। लेकिन जैसे-जैसे उनका स्टारडम बढ़ा यानी कि 1974 से 77 तक उन्होंने तकरीबन ₹20 लाख से ₹27 लाख चार्ज किए। इसके बाद 80 के दशक में उन्होंने उनकी फीस जो थी वह 50 लाख से 70 लाख तक पहुंच गई। दिलचस्प बात तो यह है कि वह केवल ऋषिकेश मुखर्जी के लिए अपनी फीस आधी किया करते थे क्योंकि वह उनके सबसे पसंदीदा डायरेक्टर थे। राजेश खन्ना की लव स्टोरी। राजेश खन्ना अपने दौर में हर एक लड़की के दिल पर राज करते थे। कहा जाता है कि अपना प्यार जताने के लिए उन्हें लड़कियां खून से खत भेजती थी। वहीं राजेश खन्ना का दिल एक लड़की के लिए धड़कता था।
राजेश खन्ना ने एक्ट्रेस अंजू महेंद्रू को 7 साल तक डेट किया। लेकिन फिर 1972 में उनका ब्रेकअप हो गया। वहीं ब्रेकअप के बाद राजेश खन्ना ने एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया से शादी कर ली। ऐसा भी कहा जाता है कि राजेश जानबूझकर अपनी बारात अंजू के घर से के बाहर से लेकर गए थे। बता दें शादी के समय राजेश खन्ना की उम्र 32 और डिंपल की उम्र महज 17 साल की थी। राजेश खन्ना और डिंपल कबाड़िया की दो बेटियां ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना हैं। 1980 के दशक की शुरुआत में रिश्तों में तनाव आने के कारण राजेश खन्ना और डिंपल कबाड़िया अलग हो गए थे। स्टारडम के बाद करियर का ढलान कहते हैं समय कभी एक जैसा नहीं रहता। 1970 के दशक के मध्य में फिल्म जंजीर के साथ अमिताभ बच्चन का उदय हुआ और एंग्री यंग मैन का दौर शुरू हो गया। रायश खन्ना जो रोमांटिक और जज्बाती फिल्मों के बादशाह थे। बदलती हुई सिनेमाई पसंद के बीच खुद को ढालने में संघर्ष करते हुए नजर आए। हालांकि उन्होंने बाद के सालों में अवतार सौतन जैसी सुपरहिट फिल्में दी लेकिन जो जादू 1969 से 71 के बीच था उसे दोबारा रचना उनके लिए भी मुश्किल साबित हुआ।
भारतीय सिनेमा के अमरनायक रैश खन्ना ने एक बार कहा था इतनी शहरत तो खुदा को भी नसीब नहीं हुई जितनी मुझे मिली। यह कोई अहंकार नहीं बल्कि उस दौर की सच्चाई थी। 18 जुलाई 2012 को जब उनका निधन हुआ तो पूरी फिल्म इंडस्ट्री शोक में डूब गई। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ यह साबित कर रही थी कि भले ही फिल्में पुरानी हो लेकिन राजेश खन्ना का जलवा और उनका जादू सुपरस्टार से आज भी कम नहीं। राजेश खन्ना का 15 हिट फिल्मों का रिकॉर्ड केवल आंकड़ा भर नहीं है बल्कि यह उस प्यार और पागलपन की कहानी है जो भारत की जनता ने अपने पहले सुपरस्टार को दिया था। भारतीय सिनेमा में जब भी सफलता और क्लासिक फिल्मों की बात होगी राजेश खन्ना का नाम सबसे ऊपर और स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।
फिलहाल राजेश खन्ना की जिंदगी से जुड़े हमने तमाम तथ्यों को आपके सामने रखने का प्रयास किया। इसके बावजूद भी राजेश खन्ना की कहानी अपने आप में शब्दों में समेटने के लिए बहुत समय चाहिए क्योंकि इतना अचीवमेंट उनके नाम पर है जिसको इस छोटे से प्रोग्राम में लाना संभव नहीं था। फिर भी कोशिश की कि हमने उनकी तमाम जो जिंदगी से जुड़ी हुई चीजें हैं वो आपके सामने रखी जाए। उनके बारे में कुछ और आप जानना चाहते हैं तो जरूर बताइए और साथ में आप अपने किसी पसंदीदा कलाकार जिसके बारे में आप जानना चाहते हैं कमेंट के जरिए हम तक अपनी बात को जरूर पहुंचाइए और यह कार्यक्रम आपको कैसा लगा इसके बारे में जरूर बताइए क्योंकि हम ऐसे लगातार भूले बिसले और पुराने जो कलाकार हैं उनके ऊपर तमाम तरह के प्रोग्राम लेकर आ रहे हैं। अगर आप उनको देख रहे हैं तो अपना जो कमेंट है वो जरूर करिए कि हमें किस तरह से और प्रोग्राम बनाने चाहिए और जैसा कि मैं पहले बताया कि राजेश खन्ना से जुड़ी हुई कोई भी बात अगर आप विस्तार में जानना चाहते हैं तो उसको भी जरूर कोट करिए। फिलहाल के इस कार्यक्रम में इतना ही आप लगातार बने रहें। धन्यवाद।