मैं राज्यसभा सांसद राघव चड्डा जी से कुछ सवाल पूछना चाहती हूं। राघव जी आप बीजेपी से इतना डरते क्यों? आप बीजेपी से सवाल उठवाने से डरते क्यों हैं? आप मोदी जी से सवाल उठवाने से डरते क्यों हैं? आज हमारा देश एक बहुत बड़े संकट से गुजर रहा। आज हमारे देश के लोकतंत्र पर आज हमारे देश के संविधान पर खतरा है। आज हमारी आंखों के सामने इलेक्शन कमीशन का मिसयज करके पश्चिम बंगाल का इलेक्शन चुराया जा रहा है।
लेकिन आप उस पर सवाल नहीं उठा रहे। आप उस पर बोलने से डर रहे हैं। हम सबने देखा किस तरह से दिल्ली में गलत तरीके से वोट काटे गए। बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने गलत तरीके से वोट बनाए और बीजेपी इलेक्शन चुरा के ले गई। और आज वेस्ट बंगाल में यही हो रहा है।
आज इलेक्शन कमीशन का मिसयज हो रहा है। लेकिन जब तृणमूल कांग्रेस और पूरी अपोजिशन इलेक्शन कमीशन के खिलाफ इंपीचमेंट मोशन लेकर आती है तो आप उस पर साइन करने से मना कर देते हैं। आपने क्या एक बार भी संसद में पश्चिम बंगाल में हो रहे लोकतंत्र पर हमले पर सवाल उठाए? वोटर डिलीशन पर सवाल उठाए? गलत तरीके से बनते हुए वोट पर सवाल उठाए। क्यों नहीं उठाए? क्या बीजेपी से डर रहे हैं? क्या मोदी जी से डर रहे हैं?
आज देश के सामने देश के आम आदमी के सामने सबसे बड़ा संकट एलपीजी गैस सिलेंडर का है। आप तो बड़े आदमी हैं। राज्यसभा के सांसद हैं। हो सकता है आपको दिक्कत ना आती हो। लेकिन एक आम परिवार एक छोटे से मकान में रहने वाला एक कच्ची कॉलोनी में रहने वाला एक गैस सिलेंडर के कनेक्शन के परिवार को आज अपने बच्चों के लिए खाना बनाने में दिक्कत हुई।
पिता सोच रहे हैं मैं काम पर जाऊं, रेफड़ी लेकर आऊं या लंबी लंबी लाइनों में खड़ा होकर गैस का सिलेंडर ले आऊं कि कल मेरे बच्चों के लिए लंच बन सके। जब आम आदमी पार्टी ने पंजाब में दिल्ली विधानसभा में सिलेंडर का सवाल उठाया, जब आम आदमी पार्टी के सांसदों ने एलपीजी सिलेंडर का मुद्दा उठाया और आपको जब एलपीजी के मुद्दे पर बोलने के लिए कहा गया तो आप चुप रह गए। आप मोदी जी से डर गए क्या?
आज इस देश में हर इंसान को यह तय करना होगा कि क्या वह मोदी जी के साथ है या वह संविधान के साथ है लोकतंत्र के साथ। मुझे याद आ रहा है जब अरविंद केजरीवाल जी गिरफ्तार हुए थे। हम सब सड़कों पर खड़े होकर लड़ रहे थे। पुलिस हम पर लाठियां चढ़ा रही थी। हमें घसीट घसीट कर पकड़ कर ले जा रही थी। दिल्ली के अलग-अलग थानों में, कहीं नरेला में, कहीं बवाना में हम डिटे हुए। हम रोज सड़कों पे लड़ रहे थे।
आप तब लंदन में आपने हमें बताया कि मेरी आंख का ऑपरेशन हो रहा है इसलिए मैं लंदन। हमसे मीडिया ने बहुत सवाल पूछे। बार-बार हमने मीडिया को कहा कि नहीं नहीं राघव चड्डा जी डरे नहीं है। उनकी आंख में प्रॉब्लम है। वो अपना ऑपरेशन करवाने। लेकिन आज राघव जी मेरे मन में भी यह सवाल आ रहा है कि जब अरविंद केजरीवाल जी गिरफ्तार हुए तब भी आप बीजेपी से डर गए।
तब भी आप मोदी जी से डर गए। क्या आप डर के लंदन भाग गए? देखिए हो सकता है कि आप मोदी जी से डरते। हो सकता है आप जेल जाने से डरते। लेकिन हम अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हम ना बीजेपी से डरते हैं, ना मोदी जी से डरते हैं, ना उनकी एजेंसी से डरते हैं, ना जेल जाने से डरते हैं। इसलिए हम इस देश के आम आदमी आम आदमी की आवाज उठाते आए हैं।
इस देश के आम आदमी की आवाज उठाते रहेंगे। इस लोकतंत्र के लिए आवाज उठाते आए हैं। लोकतंत्र के लिए आवाज उठाते रहेंगे। राघव जी मोदी जी से डरने से बीजेपी से डरने से संविधान नहीं बचेगा। लोकतंत्र नहीं बचेगा। आज आपको यह तय करना है कि क्या आप संविधान के साथ हैं या आप मोदी जी के साथ?