मतलब मैंने अपने बच्चे को सारी जिंदगी संस्कार देने में, उसको वैल्यू सिखाने में, पूरी जिंदगी झोंक दी अपनी। और 1 मिनट में उसको कोई निगल के और उसको एक्सीडेंट का नाम दे देगा यार। एक्सीडेंट क्या होता है? जानबूझ के गलती करी हुई एक्सीडेंट होती है। पूरी दुनिया को पता चले कैसे मारा है मेरे बच्चे को। उसके सर से लेके प्राइवेट पार्ट तक एक पार्ट नहीं बचा उसकी बॉडी का। सिगरेट के कट्टे की तरह उठाया उसको। उसकी गर्दन यहां से घूम के आ गई है। मैंने देखा है उसको। उसकी ये बाजू ऐसे नहीं ऐसे मेरे पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के तीन दिन तक मैंने अपने बच्चे की रिपोर्ट नहीं खोली थी। 17 साल का अगर वो है आज 17 साल तक पेरेंट कहां थे
रिसोंसिबिलिटी लेने के लिए? मुझे तो ये धमकियां भी आ रही है। मेरे बच्चे के लिए अभी तक दर्द नहीं हो रहा लोगों को। क्यों नहीं हो रहा? क्योंकि उन्होंने उसकी वो दर्दनाक मौत की हालत जो है वो देखी नहीं है। अभी उन्हें हमारे कानून की कमियां पता है या उन्हें ये एक्ट पता है कि जुमिनाइल एक्ट में कुछ नहीं होता। तो दे आर अलाउड टू डू व्हाटएवर। ये कैसा कानून है जो दूसरों को ये आजादी देता है कि वो हमारी पूरी की पूरी फैमिली निकल जाए। पूरा प्रयास किया जा रहा है मेरा मुंह बंद करने का। मेरे बेटे जैसे बच्चे इस कलयुग में नहीं होते।
मैंने इतने सारे एविडेंसेस पूरी दुनिया को दिखाए। उसमें से कंसीडर करने लायक मेरे लिए कुछ मेरे पक्ष में कुछ भी नहीं दिखाई दिया किसी को। 3 फरवरी से आज क्या तारीख हो गई है। किसी को इम्पोर्टेंस नहीं लग रही कि मेरी पूरी दुनिया खत्म हो गई है। मेरे पास अपने बच्चे के अलावा कुछ नहीं था। यह हक किसी को नहीं है कि हम 24 साल अपने बच्चों को पाल पाल के और कोई एक सेकंड में हमारे बच्चे को उड़ा के हमारी दुनिया खत्म करके चला जाए और उसको कानून का टप्पा देंगे और फोर्सफुली हमारे ऊपर थोप दिया जाए। कोई और जुनाइल जो है ना किसी और के बच्चे को खा जाएगा उस दिन उस दिन होश आएगी उन्हें। हां एक मां पहले भी चिल्ला रही थी।
मेरा बच्चा चला गया है। मैं सब लोगों से रिक्वेस्ट कर रही हूं। प्लीज कोई और मां अपने बच्चे को पोस्टर में जांच चूमे। एक काबू उनका एक टैग दिया। इट वास एक्सीडेंट। व्हाई इट वास एक्सीडेंट? बिकॉज़ यू हैव अलाउड एक्सीडेंट्स। बिकॉज़ एक्सीडेंट्स आर अलाउड टू डू। दुबई में क्राइम क्यों नहीं होता भाई? क्यों नहीं होता? हमारे देश के कितने क्रिमिनल और कितने पैसे वाले लोग बिगड़े हुए हैं? जाते हैं ना वहां पे। वहां जाके क्राइम करके आते हैं। हिम्मत है उनकी वहां पर क्राइम करने की। दुबई जैसी कंट्री में अगर कोई क्रिमिनल छूटने के बाद घूमने जाता है तो किसी की हिम्मत होती है
कि वो दुबई के अंदर उस कंट्री के अंदर जहां इतने लॉ एंड ऑर्डर इतना सख्त है वहां पे कोई जाके क्राइम कर ले। ये किसी ये ये पॉसिबल है कि हमारे यहां का कोई क्रिमिनल अगर घूमने भी जाता है तो वहां पे क्राइम कर ले। नहीं होता ऐसा। क्योंकि उनको पता है कि अगर हमने यहां पर कुछ हरकत करी तो हम यही के यही धरे रह जाएंगे। हमें यही दबोच लिया जाएगा। हम वापस नहीं जा सकते। तो ये किसका फेलियर है?
तो कानून सख्त हो जाएंगे तो अपने आप सब कुछ सख्त हो जाएगा। इतना चीखना चिल्लाना इतना पेन इतना सब कुछ इतनी पब्लिक की इतनी इतनी दर्दनाक मौत बच्चों की हमारे मतलब मैंने अपने बच्चों को सारी जिंदगी संस्कार देने में उसको वैल्यू सिखाने में उसकी लाइफ बेटर करने में पूरी जिंदगी झोंक दी अपनी और एक मिनट में उसको कोई निगल के और उसको एक्सीडेंट का नाम दे देगा यार। किसने राइट दिया है कि मेरे बच्चे को निगलने का? कोई भी मेरे बच्चे को पूरा निगल गया। उसकी गन बिना गलती के उसको उड़ा दिया।
और उसके बाद उसको एक्सीडेंट का नाम दिया जा रहा है यार। एक्सीडेंट क्या होता है? जानबूझ के गलती करी हुई एक्सीडेंट होती है। जिसको ये पता है कि मैं रोड पे अलाउड नहीं हूं। मेरी उम्र नहीं है। मेरे पास लाइसेंस नहीं है। उसकी स्पीड कंट्रोल नहीं है। गलत लेन में चला रहा है। अपनी लेन खाली होते हुए भी गलत लेन में गाड़ी चला रहा है। क्या तरीका है यार ये?
उस लेन में ट्रैफिक था क्या? उसकी लेन खाली पड़ी थी। फिर वो मेरी लेन में क्यों चल रहा था?
इस बात पे क्या जस्टिफिकेशन है? मुझे ये भी तो जस्टिफिकेशन दो ना। मुझे ये भी तो बताओ। उल्टा मेरे बच्चे पे पता नहीं क्या-क्या उल्टे सीधे इल्जाम लगाए जा रहे हैं। मैं कानून कानून के हिसाब से मैं पूछती हूं। ओवरटेकिंग कहां से की जाती है? लेफ्ट से की जाती है, ऊपर से कूद के की जाती है या राइट से की जाती है? राइट से। राइट से की जाती है क्योंकि ड्राइवर साइड का मिरर जो होता है जो गाड़ी चला रहा होता है उसको दिखे कि पीछे मेरे कोई है। मुझे कहां ब्रेक लगानी है, कहां स्पीड बढ़ानी है, कहां से निकालना है, कहां से बचाना है। राइट साइड का मिरर क्यों इंपॉर्टेंट होता है हमारे लिए?
क्योंकि ड्राइवर जो गाड़ी चला रहा है वो अपना संतुलन बना के रखें और अगल-बगल के आगे पीछे के ट्रैफिक को वो भी कंट्रोल कर सके। मेरा बच्चा राइट साइड में था। उसका विजन पूरा ऑब्स्ट्रक्ट अगर हो गया अगर उसको बस दिखाई नहीं दी बस के आगे कोई मेरी लाइन में चल रहा है हम ऐसा सोच भी सकते हैं कभी आप कभी ऐसा सोच भी सकते हो कि मेरी लाइन में कोई आगे से आके मेरे को ऐसे करके क्रॉस करके उड़ा देगा इतनी रील्स बन रही है इतना सब कुछ बन रहा है
उसमें इतने बेवकूफ लोग भी हैं जिनको ड्राइविंग नहीं आती है वो उस तरह की कमेंट्स बाजी कर रहे हैं तो मैं उनसे ये पूछना चाहती हूं और मैं सबसे पूछना चाहती हूं कि पहले आप ये तो पढ़ो लॉ के हिसाब से कि ओवरटेिंग होती कहां से है जब मेरे मेरे मुंह के आगे चलने वाला। मैं बार-बार एक ही बात को कह रही हूं कि मेरे मुंह के आगे चलने वाला ट्रैफिक अचानक रुक जाएगा, खड़ा हो जाएगा तो मैं अपने लिए जब मुझे दिख रहा है कि मेरी राइट साइड की पूरी लेन खाली है तो मैं राइट ही तो जाऊंगी। तो उसमें गलत क्या है?
मेरा बच्चा लाइसेंस होल्डर था। गाड़ी चलानी आती थी उसको। उसे बाइक चलानी आती थी। उसकी ड्राइविंग बहुत बहुत बहुत अच्छी थी। बहुत ज्यादा अच्छी थी। वो इललीगल एक्टिविटीज नहीं कर रहा था रोड पर जाकर। वो कोई इललीगल संस्कार फॉलो नहीं कर रहा था। उसने कोई इललीगल काम नहीं करा कि वो गलत चला रहा है। बिना लाइसेंस के चला रहा है। अंडर एज है। ऐसा कोई काम नहीं किया उसने। तो मैं यह जानना चाहती हूं कि जब उसकी लेन खाली थी
उसके बावजूद वो दूसरी लेन में गाड़ी क्यों चला रहा और वो भी इतनी स्पीड में और वो भी तब जब उसके पास अधिकार ही नहीं है कि गाड़ी लेकर वो रोड पर आए। तो जुबिनाइल के हिसाब से जो मेरे लिए आर्डर पास किया गया है मैं जानना चाहती हूं कि उसमें उसके लिए क्या है? उसके लिए क्या है? कानून अगर कानून उसके लिए कानून जुबिनाइल लगाया गया है तो मेरे बच्चे के लिए क्या आधार है? मतलब कोर्ट में कुछ भी आर्डर दे दिया जाए।
पुरानी पुराने रेफरेंस दे दिए गए। ये ये कोई सेंस सेंसिबल जजमेंट नहीं है। वी आर गोइंग टू चैलेंज दिस। वी विल चैलेंज दिस। जो रेफरेंस दिए जाते हैं, मैं एक बात और कहना चाहती हूं इस मीडिया के माध्यम से कि जो यह पुरानी जजमेंट्स के रेफरेंस दिए जाते हैं, मुझे एक केस आप ऐसा बताइए जिनका रेफरेंस मेरी मेरे आर्डर के अंदर लगाया गया है कि किसका बच्चा 50 फुट ऊपर उड़ के दो घंटे रोड पर इतनी बुरी हालत में आप लोगों को मीडिया को एक रिस्ट्रिक्शन होती है कि विचलित करने वाले फोटोज और वीडियोस आप नहीं दिखा सकते।
इसलिए पूरी मीडिया ने मेरे बच्चे के वीडियोस जो हैं ब्लर करके दिखाए हैं। राइट? आप नहीं दिखा सकते आपकी रेस्ट्रिक्शन है। मैं दिखाऊंगी पूरी दुनिया को। मैं जहां-जहां अपने बच्चे की वो विचलित करने वाली फोटो और वीडियोस छपवा सकती हूं। मैं छपवाऊंगी। पूरी दुनिया को पता चले कैसे मारा है मेरे बच्चे को। उसके सर से ले प्राइवेट पार्ट तक एक पार्ट नहीं बचा उसकी बॉडी का। उसकी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट छपवाऊंगी मैं।
न्यूज़ पेपर में छपाऊंगी। पूरी दुनिया देखेगी। न्यूज़ पेपर में छपाऊंगी मैं। आप लोगों को रेस्ट्रिक्शन है ना एस अ मदर मेरे को रेस्ट्रिक्शन नहीं है किसी चीज की। जो दुनिया अभी तक नहीं देख पाई है। अभी तक लोगों की नजरों में नहीं आया है। और उसके बाद दो घंटे तक मेरे बच्चे की बॉडी वहां पड़ी रही। उसको उठा के ले जाने की जहमत नहीं हुई। मैं पूरी दुनिया को दिखाऊंगी वो फोटो और वीडियो। किस मां का कलेजा नहीं फटेगा उस वीडियो को देख के उस बच्चे की हालत और वो फोटो और वीडियो देख के कौन सी मां का कलेजा नहीं फटेगा लोगों ने अभी देखा नहीं ह
इसलिए अभी भी सच सामने आना बाकी है मैं दिखाऊंगी वही वीडियो दिखाऊंगी जो छुपाए जा रहे हैं जो पूरा सच अभी सामने नहीं आया अभी आधा सच आया है मैं पूरा सच दिखाउंगी अभी आपकी नजर से क्या पूरा सच है अभी तक लोगों के कलेजे फटे नहीं है ना। उसकी एक्चुअल हालत नहीं पता चल रही है। बातें हो रही है। बातों में दर्द फील नहीं हो पा रहा है लोगों को। आप लोगों की रेस्ट्रिक्शन की वजह से केस हाईलाइट हो गया। सब कुछ हाईलाइट हो गया। लेकिन एक्चुअल में मैं किस लिए चिल्ला रही हूं? कितनी दर्दनाक मौत मैंने अपने बच्चे की देखी है।
वो सच सामने नहीं आया अभी लोगों के। वो सच सामने नहीं आया। उसकी गर्दन घूमी हुई थी 180 डिग्री। मेरी आंखों के सामने उसको बोरे की तरह जब उठाया उसकी गर्दन ऐसे घूमी है। सीमेंट के कट्टे की तरह उठाया उसको। उसकी गर्दन यहां से घूम के आ गई है। मैंने देखा उसको। मैंने देखा उसको। उसकी गर्दन ऐसे घूम पूरी। उसकी ये बाजू ऐसे नहीं ऐसे उसका ये ये टूटा हुआ था उसकी वो जो लाश पड़ी है
उसके प्राइवेट पार्ट बाहर निकले हुए दिख रहे हैं। उसकी पसलियां, उसके फेफड़े, उसका हार्ट, उसकी चेस्ट। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखो आप। अपने ट्रकों से भी एक्सीडेंट होते हुए देखे हैं। इतना भयानक एक्सीडेंट इतनी बुरी तरह एक्सीडेंट तब भी नहीं होते। मैंने तीन दिन तक जब आप लोग मीडिया कवरेज कर रहे थे। मेरे पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के तीन दिन तक मैंने अपने बच्चे की रिपोर्ट नहीं खोली थी। मैंने खोला नहीं था उसको पीडीएफ को। रात को Twitter पे टाइम्स ना हो या कोई इंग्लिश चैनल था
वो जब रात को आधी रात को डेढ़ दो बजे मेरे बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का डिस्क्रिप्शन दे रहे थे मैंने तब देखा मुझे तब पता चला इतने सारे एविडेंसेस मैंने पूरी दुनिया को दिखाए वो कम पड़ गए उसकी गलती पे गलती पे गलती पे गलती गिनवा रही हूं मैं। पब्लिक में खड़े होकर बोल रहे हैं दोनों बहन भाई। हमारे बाप के पास बहुत पैसे हैं। हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पब्लिक में खड़े होकर बोल रहे हैं
उनकी हिम्मत देखो बच्चों की। ये उनका कंडक्ट है। कोर्ट में उनका कंडक्ट बताया जा रहा था कि कंडक्ट। यह उनका कंडक्ट है। जिनको यह पता है कि हमारे बाप के पास बहुत सारे पैसे हैं। वो हमें बचा लेगा। यह वो पब्लिकली उनके खुद के बच्चे बोल रहे हैं खड़े होके। यह कंडक्ट है उनका। के दौरान मैं वहां पर आर्गुमेंट वाले डे थी ना मैं वहां पर हियरिंग में थी मैंने खुद बोला है क्या बात मैंने सुना है ना मैंने बच्चों का कंडक्ट बताया जा रहा है पेरेंट्स रिसोंसिबिलिटी ले रहे हैं पेरेंट्स रिसोंसिबिलिटी लेने के लिए 17 साल का अगर वो है आज 17 साल तक पेरेंट्स कहां थे
रिसोंसिबिलिटी लेने के लिए मेरे बच्चे के मरने का इंतजार कर रहे थे वो वो मेरे बच्चे के मरने का किसी दिन कुछ कर देगा उसके बाद रिसोंसिबिलिटी लेंगे उन्हें पता है कानून कैसा है। ट्रांसपोर्टर है ना वो तो उसे पता है कि कानून ऐसा कुछ नहीं होता यहां पे। मुझे तो यह धमकियां भी आ रही है। कौन धमकी?
मेरे पास इनडायरेक्ट में बहुत पब्लिक से कुछ लोग ऐसे हैं जो मुझे सपोर्ट कर रहे हैं। और जब वो मेरे लिए किसी से बात करने की कोशिश करते हैं तो पता चलता है कि इन्हीं के कुछ बंदे जो हैं वो वहां पे भी पहुंचे हुए हैं। तो उस तरह की चीजें भी आ रही है मेरे आगे। कि हम तो पैसा चढ़ा देंगे। हम यह कर देंगे। वो ठीक है। आप करो। हम तो कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। हम कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। आप जो कर सकते हो आप करो। हमारे पास आ रही है ये चीजें। मैं अपने घर में ही बैठी हूं। मैं नहीं जा रही हूं कहीं पे। मैं अकेली हूं। मैं अकेली हूं पर मैं कानूनी लड़ाई लड़ रही हूं। मेरे को एक बार फेलियर मिल गया। एक बार इसको बेल मिल गई। अभी लंबी लड़ाई है।
मेरे को पता है मुझे। मुझे पता है। मेरे बच्चे के लिए अभी तक दर्द नहीं हो रहा। लोगों को क्यों नहीं हो रहा? क्योंकि उन्होंने उसकी वो दर्दनाक मौत की हालत जो है वो देखी नहीं है। अभी वो अभी दुनिया ने देखी नहीं है। मैं दिखाऊंगी अब एक ही प्लेटफार्म नहीं है। बहुत सारे प्लेटफार्म है। मैं दिखाऊंगी अब दुनिया को। ना दुनिया का कलेजा दहल जाए ना पता चलेगा इन्हें। ऐसे राक्षस रोड पर घूम रहे हैं और क्योंकि यह जो जुबिनाइल जुबिनाइल के नाम पर इन्हें क्राइम करने का पता होता है। हर जुबिनाइल का आप क्राइम देख आप लोग इतने सारे कवरेज करते हैं। कितने क्राइम आप देखते हैं कि मेजॉरिटी ऑफ़ जो क्राइम होता है वो कौन सी एज ग्रुप कर रहा है? 40-50 साल के बुड्ढे कर रहे हैं क्या?
आप बताइए। एक एक पर्टिकुलर एज ग्रुप है जिन्हें पता है कि जुनाइल में कानून और यह सोसाइटी में मैसेज आ रहा है। इस तरह से अगर यह कानून इनको छोड़ता रहेगा इस तरह के जुनाइल जुनाइल जुनाइल एक्ट के चक्कर में अगर ये क्रिमिनल छोड़ते रहेंगे तो सोसाइटी में क्या मैसेज जा रहा है? हर बच्चे को ये मैसेज आ रहा है कि हम तो जुबिनाइल हैं। हम तो कुछ भी कर सकते हैं। तो कानून व्यवस्था जो है इस चीज की सोशल रिससिबिलिटी कहां ले रही है? हमारी सिक्योरिटी की सोशल रिसोंसिबिलिटी कहां है? स्कूलों में इतना कुछ होता है, बुलिंग होती है। स्कूलों में इतने इतने सीनियर्स जो हैं वो जूनियर्स के साथ क्या-क्या करते हैं?
एक आरती मल्होत्रा है बेचारी। उसके बच्चे के साथ सेक्सुअल अब्यूज हुआ और इतना मेल्टर लेवल उसका खराब कर दिया गया बच्चे का कि वो ऊपर से कूद के मर गया। वो भी अकेला बच्चा था। उस बच्चे ने जान दे दी अपनी। ऐसे कितने सारे केस हैं? किंल का केस है। किंलन बच्चा उसी के पेरेंट को खुद ही टॉर्चर भुगतना पड़ा अपने ही बच्चे की फाइट के लिए। तो ये जुबिनाइल के नाम पे क्या चल रहा है हमारे? हमारे देश में क्या चल रहा है?
और जुनाइल इतने फ्री है क्राइम करने के लिए। तो मतलब हम और ज्यादा जुबिनाइल्स को प्रमोट करते रहे। उन्हें हमारे कानून की कमियां पता है या उन्हें यह एक्ट पता है कि जुइल एक्ट में कुछ नहीं होता तो दे आर अलाउड टू डू व्हाटएवर। वो दूसरों की दुनिया खत्म करने के लिए भी अलाउड है। वो हमारी फैमिली को पूरा निगलने के लिए दे आर फ्री। ये कैसा कानून है?
ये कैसा कानून है जो दूसरों को ये आजादी देता है कि वो हमारी पूरी की पूरी फैमिली निकल जाए। हमारे बच्चे निकल जाए। सरकार इस कानून को कानून कैसे कह सकती है?
जो कि परिवारों के परिवार निकल रहे हैं। इसमें बदलाव क्यों नहीं हो रहा है?
किसी से मुलाकात हुई किसी अधिकारी लॉयर से। मुझे किसी ने अभी तक अप्रोच नहीं किया है। प्रशासन से भी किसी ने अप्रोच नहीं करा अभी तक। इतना समय निकलने के बाद भी, इतना हाईलाइट होने के बाद भी पूरा प्रयास किया जा रहा है। पूरा प्रयास किया जा रहा है मेरा मुंह बंद करने का। पर मैं अपनी कानूनी लड़ाई लड़ रही हूं।
आई एम स्टिल वेटिंग। आई स्टिल वांट टू सी कि कौन आता है? कौन इंसानियत दिखाता है मेरे को। प्रशासन से किसके किसके अंदर थोड़ी सी इंसानियत है। मेरे जैसे बच्चे मेरे बेटे जैसे बच्चे इस कलयुग में नहीं होते। इतनी वैल्यूस, इतना हार्ड वर्किंग, इतना सेंसिबल बच्चा उस जैसे बच्चे अब नहीं होते। बहुत कम बच्चे हैं जो उस जैसे वैल्यूस को पैसा ना होने के बाद भी, तंगी में रहने के बाद भी, स्ट्रगल के बाद भी उन वैल्यूस कोेंस देते हैं।
मेरा इतना मासूम बच्चा, इतना मासूम बच्चा, यह राक्षस निकल गया। मैंने इतने सारे एविडेंसेस पूरी दुनिया को दिखाए। उसमें से कंसीडर करने लायक मेरे लिए कुछ मेरे पक्ष में कुछ भी नहीं दिखाई दिया किसी को। मैं दिखाउंगी पूरी दुनिया को। मैं पूरी दुनिया को दिखाउंगी अब। मैं अपने बच्चे की फोटो वीडियो दिखाउंगी। ऐसी हालत में कौन से पेरेंट्स तैयार है अपने बच्चों की हालत देखने के लिए इस जुबिलाइ के अंडर इन राक्षसों को बचाने के लिए इस एक्ट के अंडर कौन से और पेरेंट्स तैयार है सबके बच्चे रोड पे जाते हैं मुझे भी नहीं पता था
मेरा बच्चा भी ऐसा शिकार बनेगा जितने लोग सो रहे हैं ना अभी तक जिनके दिल नहीं बसीच रहे हैं अभी तक सतर्क हो जाए वो सबके बच्चे बाहर निकलते हैं सबके बच्चे स्कूलों में जाते हैं सबके बच्चे पढ़ने जाते हैं सबके के बच्चे काम करने जाते हैं। कोई और जुबिरानाइल जो है ना किसी और के बच्चे को खा जाएगा। उस दिन उस दिन होश आएगी उन्हें। यहां एक मां पहले भी चिल्ला रही थी। मेरा बच्चा चला गया है। मैं आप ही लोगों के लिए चिल्ला रही हूं। इसको चेंज कराओ। थोड़ा सा टाइम निकालो। थोड़ा सा पेन ले लो अपने बच्चों के लिए।
उनकी सेफ्टी के लिए। ये कानून बदलना चाहिए। ये कानून बदलना चाहिए। मैं सब लोगों से रिक्वेस्ट कर रही हूं प्लीज कोई और मां अपने बच्चे को पोस्टर में जा चुमे। अपने बच्चों को फोटो और वीडियो भी देखने के लिए तैयार हो जाओ। अगर अभी भी चुप बैठोगे ना अपने बच्चों की फोटो वीडियो देखते रहना। और उन्हें देख के मर जाओगे तुम। अपने बच्चों को फोटो वीडियो देख के मर जाओगे। जाग जाओ अभी भी जाग जाओ। अभी आपके वकीलों से बात हो रही है। आगे कैसे प्रोसीड करने वाले हैं?
देखिए मैं बता रही हूं आपको कि जो भी लीगल हम कर सकते हैं हम करेंगे। मेरे पास तो कुछ बचा नहीं है। पर इस कानून में सुधार चाहते हैं। मेरी सारी लड़ाई सिर्फ सब बच्चों के लिए अपने अपने देश के बच्चों के लिए है। और ये कानून ये जस्टिफाइड नहीं है। ये कोई तरीका नहीं है कि किसी के बच्चों को कोई भी निगल जाए और उसको एक्सीडेंट का नाम देके और ये हक किसी को नहीं है कि हम
24- 24 साल अपने बच्चों को पाल पाल के और कोई एक सेकंड में हमारे बच्चों को उड़ा के हमारी दुनिया खत्म करके चला जाए और उसको कानून का टप्पा देके और फोर्सफुली हमारे ऊपर थोप दिया जाए। दिस इज नॉट जस्टिफाइड। यह कानून चेंज होना चाहिए। इतनी छोटी-छोटी बच्चों के साथ रेप हो रहे हैं और इतना सब कुछ हो रहा है। क्या है ये? कहां रह रहे हैं हम लोग?
हम अपने बच्चों को स्कूलों में सेफ नहीं है। हमारे बच्चे हमारे बच्चे रोड में सेफ नहीं है। हम कहां जाए?
कोई मिलने नहीं आया जो आप। नहीं प्रशासन से मेरे पास अभी तक कोई नहीं आया। उल्टा मेरे पास बहुत नेगेटिव अप्रोच आ रही है। मुझे नहीं पता क्या सच है क्या गलत है। लेकिन प्रशासन से किसी ने अभी तक रीच आउट करने की कोशिश नहीं करी। आप लोग मीडिया में जा ही रहे हैं, देख रहे हैं। इर्द-गिर्द में जो भी पालम महावीर इंक्लेव उत्तम नगर बाकी सारी जगहों पे सब पहुंचे हैं। मेरे पास अभी तक किसी ने रीच आउट करने की कोई कोशिश नहीं करी है। इससे इससे मुझे और ज्यादा और ज्यादा नेगेटिव ये नेगेटिव एप्रोच दिखाई देती है प्रशासन की।
मुझे दोष दे रहे हैं कि मैं नेगेटिव बोल रही हूं। जो मेरे सामने है मैं तो वही बोल रही हूं। 3 फरवरी से आज क्या तारीख हो गई है। किसी कोेंस नहीं लग रही कि मेरी पूरी दुनिया खत्म हो गई है। मेरे पास अपने बच्चे के अलावा कुछ नहीं था। मेरा पूरा घर मेरी जिंदगी मेरा सब कुछ खाली हो गया। फैमिली के नाम पर कुछ नहीं है मेरे पास। अब वो किसी को नहीं दिख रहा। जिनके परिवार है, जिनके पास सब कुछ है, वहां सब पहुंच गए। मैंने पर्सनली फोटो वीडियो भेजे हैं। मैं किसी का नाम नहीं ले रही। मैंने पर्सनल नंबर्स पे फोटो वीडियोस भेजे हैं।
इतने गंदे वीडियो देखने के बाद भी किसी का दिल नहीं पसी। मेरे पास कोई नहीं आया अभी तक। अथॉरिटी में भेजा। मैंने प्रशासन के लोगों के पास भेजे। उसके बाद भी मेरे पास कोई नहीं आया अभी तक। और फोटो वीडियो उसको लड़के नहीं देख पा रहे। कोई औरत तो बिल्कुल भी नहीं देख सकती उसको। उसके बावजूद भी मेरे पास कोई नहीं आया। और कुछ कहना चाहेंगे आप प्रशासन से शासन से मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री से कल मुलाकात का कुछ बात हुई मुख्यमंत्री जी ने मेरे पास कोई रीच आउट करने की कोशिश नहीं करी है
अभी तक उल्टा उल्टा मेरे पास नेगेटिव चीजें आ रही है निकल के और बाद में मुझे बोला अगर मैं कुछ बोलूंगी तो मेरी नेगेटिविटी को जो है पब्लिसाइज किया जाएगा लेकिन प्रशासन की तरफ से जो कोल्ड रवैया है मेरे को किसी ने अभी तक रीच आउट करने की कोशिश नहीं करी है मुख्यमंत्री जी भी तो ऑलरेडी है ना वो भी तो मां है। उनको मेरा दुख नहीं दिखाई दिया क्या?
वो भी तो मां है। उनके भी तो बच्चे हैं। उनकी फैमिली फोटो पे मैंने भी कमेंट किया है। उनके पर्सनली स्ट्राइक अकाउंट पे मैंने कमेंट किया है। उसके बाद भी कोई रिच आउट नहीं है मेरे पास। वो चाहती तो वो मेरे केस में भी चीजें करवा सकती थी। आरोपी को सजा दिलवा सकती थी। तो मेरे साथ ये नाइंसाफी क्यों?
मैंने क्या बिगाड़ा उनका?
सिर्फ मेरे साथ ये नेगिजेंस क्यों हो रहा है?